विश्व शतरंज संस्था फिडे के उपाध्यक्ष निजेल शार्ट ने गुरुवार को अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) को खिलाड़ियों का विरोधी करार दिया, क्योंकि उसने अभी तक कुछ खिलाड़ियों की रेंटिंग को बहाल करने के भारतीय प्रतियोगिता आयोग (सीसीआई) के आदेश को पूरी तरह से लागू नहीं किया है।
ब्रिटिश ग्रैंडमास्टर शार्ट उन खिलाड़ियों की रेटिंग बहाल करने के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे जिन्हें एआईसीएफ ने गैर मान्यता प्राप्त टूर्नामेंट में भाग लेने पर प्रतिबंधित कर दिया था। शार्ट ने पत्रकारों से कहा कि यह मेरी निजी राय है कि एआईसीएफ के अंदर कुछ खिलाड़ी विरोधी लोग हैं।
फिडे अध्यक्ष (अर्काडी डवोरकोविच) ने कहा था कि खिलाड़ियों की रेटिंग बहाल करनी चाहिए। यह कोई बाहरी फैसला नहीं है, सीसीआई ने एआईसीएफ के खिलाफ फैसला दिया था। उन्होंने कहा कि यानी फिडे खिलाड़ियों का समर्थन करते हैं। फिडे संचालन परिषद में पूर्व की तुलना में अधिक खिलाड़ी हैं।
हमने कई भारतीय खिलाड़ियों की फिडे रेटिंग बहाल की। आपके कुछ खिलाड़ियों की आजीविका का साधन छीन लिया गया है। सीसीआई ने फैसला दिया था कि यह गलत है। अब भी यह मामला नहीं सुलझाया गया है।
शार्ट ने कहा कि भारत में आईपीएल शैली की लीग का प्रस्ताव था, लेकिन देश में शतरंज से जुड़े प्रशासक इसके पक्ष में नहीं थे। उन्होंने कहा कि भारत में शतरंज से जुड़ी सभी गतिविधियां प्रशासकों के नियंत्रण में हैं और ऐसी स्थिति में देश में खेल आगे नहीं बढ़ेगा।