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Dope Test: डोप टेस्ट से बचने के लिए चार एथलीटों पर लगा प्रतिबंध कम किया गया, जानें पूरा मामला

Wed, 02 Jul 2025 04:56 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पहली बार अपराध करने पर अधिकतम प्रतिबंध अवधि चार वर्ष है, लेकिन नाडा नियमों के अनुच्छेद 10.8.1 के तहत अगर खिलाड़ी अपना अपराध स्वीकार कर लेते हैं तो उनकी सजा कम की जा सकती है।
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डोपिंग - फोटो : twitter
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विस्तार
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ट्रैक एवं फील्ड एथलीट पूजा रानी, किरण, पंकज और चेलिमी प्रत्यूषा पर डोप परीक्षण से बचने के लिए लगाया गया चार साल का प्रतिबंध एक साल के लिए कम कर दिया गया है, क्योंकि उन्होंने आरोप लगने के 20 दिन के भीतर अपना अपराध स्वीकार कर लिया था।
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यह चारों खिलाड़ी उन कई एथलीटों में शामिल हैं, जिन्हें इस वर्ष की शुरूआत में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने डोपिंग रोधी नियमों के अनुच्छेद 2.3 के तहत निलंबित कर दिया था। यह अनुच्छेद किसी खिलाड़ी के बिना किसी ठोस कारण के नमूना संग्रह के लिए पेश होने से बचने, मना करने या असफल होने से संबंधित है।

पहली बार अपराध करने पर अधिकतम प्रतिबंध अवधि चार वर्ष है, लेकिन नाडा नियमों के अनुच्छेद 10.8.1 के तहत अगर खिलाड़ी अपना अपराध स्वीकार कर लेते हैं तो उनकी सजा कम की जा सकती है।
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इस अनुच्छेद के अनुसार, चार वर्ष के प्रतिबंध से दंडित खिलाड़ियों को एक वर्ष की छूट मिलेगी, बशर्ते वे अपना अपराध और आरोप लगने के 20 दिनों के भीतर दंड स्वीकार कर लें।

किरण और पंकज की तरह पूजा रानी पर तीन साल का प्रतिबंध 13 अगस्त 2024 से शुरू हो चुका है, लेकिन चेलिमी प्रत्यूषा पर तीन साल का प्रतिबंध इस साल छह फरवरी से शुरू हुआ है।
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