टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों के कैंप शुरू हो चुके हैं और अगले माह से विदेशी टूर्नामेंटों के लिए भारतीय खिलाड़ी खेलने के लिए भी रवाना हो रहे हैं। बावजूद इसके नाडा की ओर से अब तक डोप सैंपलिंग शुरू नहीं की गई है। इसका बड़ा कारण सैंपलिंग के लिए नाडा की ओर से तैयार मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को मंजूरी नहीं मिलना है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने नाडा की एसओपी को अब तक हरी झंडी नहीं प्रदान की है, जिसके चलते नाडा ने डोप सैंपलिंग नहीं शुरू की है।
मार्च के बाद से किसी खिलाड़ी का नहीं हुआ सैंपल
सूत्र बताते हैं कि नाडा को एसओपी भेजे हुए एक माह का समय हो गया है, लेकिन अब तक इसे मंजूरी नहीं मिली है। जब तक एसओपी को स्वास्थ्य मंत्रालय की मंजूरी नहीं मिलती है तब कोरोना के दौर में सैंपलिंग शुरू नहीं की जा सकती है। इस वक्त ओलंपिक की तैयारियों के कैंप में एनआईएस पटियाला, बंगलूरू, सोनीपत में चल रहे हैं। इन कैंपों में ओलंपिक खेलने के दावेदार तैयारियो में जुटे हैं। नाडा के एजेंडे में इन खिलाड़ियों की सैंपलिंग सबसे ऊपर थी, लेकिन कोरोना के चलते 18 मार्च के बाद से नाडा ने किसी भी खिलाड़ी का डोप सैंपल नहीं लिया है।
मंजूरी मिले तो अगले माह शुरू होगी सैंपलिंग
सूत्र बताते हैं कि नाडा अक्तूबर माह में हर हाल में सैंपलिंग को शुरू करना चाहती है। खासतौर पर इन तीनों सेंटरों के अलावा रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल में शामिल खिलाड़ियों की सैंपलिंग उनके घर जाकर करना नाडा के एजेंडे में प्रमुख है।
सैंपल लेने वाले को रखनी होगी कोरोना रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक नाडा ने वाडा के नए कोड के हिसाब से एसओपी तैयार की है। उसने प्रस्तावित किया है कि सैंपल लिए लेने वाले डोप कंट्रोल ऑफिसर को एनआईएस या अन्य साई सेंटर में जाने के लिए एकांतवास में जाने की जरूरत नहीं होगी। स्थानीय डीसीओ से सैंपल दिलाने की कोशिश की जाएगी। साथ ही डीसीओ को अपने साथ नेगेटिव कोविड रिपोर्ट रखनी होगी। जो खिलाड़ी के पूछने पर उसे दिखानी होगी। सैंपल लेने के दौरान दूरी का खास ख्याल रखा जाएगा।