गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता दिव्या काकरान को जूनियर एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में फाइनल में हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। जबकि करुणा और रीना ने कांस्य पदक पर कब्जा किया। बालिका वर्ग में भारत की पांच जूनियर पहलवान पदक की होड़ में पहुंची लेकिन संगीता फोगाट (59) और शिवानी पवार (50) को कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। संगीता के घुटने में सुबह के सत्र में हुए मुकाबले में चोट लग गई थी जिससे उनके प्रदर्शन पर असर पड़ा।
उत्तर प्रदेश निवासी दिव्या को गत चैंपियन किर्गिस्तान की मेरिम झूनजारोवा के खिलाफ 68 भारवर्ग में तकनीकी आधार पर 0-11 से शिकस्त मिली। दिव्या सीनियर एशियन कुश्ती में इसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ हार मिली थी। अतिरिक्त रक्षात्मक रवैये का भारतीय पहलवान को नुकसान उठाना पड़ा। दिव्या ने सेमीफाइनल मुकाबले में चीन की झांग को 6-0 से हराया था जबकि क्वार्टर फाइनल में उनकी प्रतिद्वंद्वी मंगोलिया की पुरेवतसेतसेग मुकाबले के लिए मैट पर ही नहीं उतरीं। 55 भारवर्ग में रीना ने उज्बेकिस्तान की खोदिचा को 8-2 से हराकर कांस्य पदक जीता। वह सेमीफाइनल में चीन की जियाजिंग होऊ से हार गईं थी लेकिन पहले मुकाबले में ऐजान को 14-4 से हराया और क्वार्टर फाइनल में ताइपे की यी चियांग चेन को तकनीकी आधार पर पराजित किया था। 76 भारवर्ग में करुणा ने मंगोलिया की ओयुनबगाना को 10-0 से मात दी। 50 भारवर्ग में शिवानी पवार को कजाकिस्तान की मारिना से 2-3 से हार गईं।
घुटने की चोट के बावजूद संगीता ने दिखाई दिलेरी
59 भारवर्ग में सभी की निगाहें संगीता पर थी जोकि फोगाट बहनों में सबसे छोटी हैं। उनका सामना चीन की जुआनजुआन शी से था। घुटने में चोट के बावजूद वह बड़ी दिलेरी से लड़ी लेकिन अंतत: 5-10 से हार का सामना करना पड़ा। क्वार्टर फाइनल में संगीता को उज्बेकिस्तान की नाबीरा ने 2-1 से हराया। इसी मुकाबले में संगीता को चोट लगी थी। बाद में संगीता ने कहा भी कि कांस्य पदक के मुकाबले के दौरान चोट ने असर डाला। क्वार्टर फाइनल में मैट पर एक जगह गैप था मेरा पांव उसमें पड़कर मुड़ गया था जिससे घुटने में चोट आ गई। मेरे पास मुकाबला छोड़ने का विकल्प नहीं था क्योंकि मेरे पिता का कहना है कि किसी भी हाल में मुकाबला नहीं छोड़ना है।- संगीता फोगाट