दीपा करमाकर गुरुवार से बाकू (14 से 17 मार्च) और दोहा (20 से 23 मार्च) में शुरू हो रहे कलात्मक जिम्नास्टिक्स विश्व कप में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर ओलंपिक कोटा हासिल करने की कोशिश करेंगी।
दीपा ने नवंबर 2018 में जर्मनी के कोटबस में कलात्मक जिम्नास्टिक्स विश्व कप की वाल्ट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने का मजबूत दावा पेश किया था। घुटने की चोट से वापसी के बाद यह दीपा का पहला टूर्नामेंट था।
इस चोट के कारण जकार्ता एशियाई खेलों में वह वाल्ट फाइनल में नहीं खेल पाई थीं और उन्हें टीम स्पर्धा से हटना पड़ा था। हालांकि उन्होंने समय पर उबरते हुए कोटबस में तीसरा स्थान हासिल कर ओलंपिक क्वालिफिकेशन की उम्मीद बनाए रखी। दीपा ने मेलबर्न में 21 से 24 फरवरी तक हुए विश्व कप में नहीं खेलने का फैसला किया था।
दीपा करमाकर ने कहा, 'इस बार ओलंपिक क्वालिफिकेशन कई दौर से होगा जिसमें विश्व कप भी शामिल हैं। मैं 2020 ओलंपिक क्वालिफिकेशन के लिए अपने मौके बढ़ाने के लिए सभी संभव दौर में भाग लेना चाहती हूं। पिछले साल जर्मनी में विश्व कप में पदक जीतकर मेरे आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई है।मैं अच्छा प्रदर्शन कर ओलंपिक की ओर प्रगति करने की उम्मीद लगाए हुए हूं।'