player prepare for next olympic
विदेशी टूर्नामेंटों में खेलने वाले खिलाड़ियों को ओपीए देने कारण उन्हें आपातकाल में आने वाली दिक्कतों से बचाना है। किसी खिलाड़ी को खाना नहीं मिलता है या उसे टैक्सी की जरूरत पड़ती है तो यह भत्ता उसके काम आता है। पहले भी यह भत्ता 25 डॉलर था, लेकिन खिलाड़ियों की मांग पर कुछ वर्ष पूर्व सरकार ने इसे बढ़ाकर 50 डॉलर कर दिया। अब इसे फिर घटा दिया गया है।
मंत्रालय का तर्क है कि सरकार टीम भेजने का सारा खर्च उठाती है। इसमें हवाई यात्रा से लेकर ठहरने की व्यवस्था का भी खर्च है। विशेष परिस्थितियों में खाने का खर्च भी दिया जाता है। ऐसे में इतने अतिरिक्त खर्च भत्ते की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। यही कारण है कि इसे घटाया गया है। वहीं खेल संघों और खिलाड़ियों का मानना है कि ओपीए को लेकर मंत्रालय शुरू से गंभीर नहीं है। टीमें खेलने चली जाती हैं, लेकिन कई बार उन्हें यह भत्ता वहां से लौटने के बाद दिया जाता है। कई खेलों में इस भत्ते को अभी भी दिया जाना बाकी है। अब इसे घटा दिया गया है। इस मुद्दे को कुछ खेल संघों ने साई के समक्ष उठाया भी है।