लंदन में चल रहे 2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में भारत के अभियान का निराशाजनक अंत हुआ। दविंदर कंग फाइनल में कोई कमाल नहीं कर सके और शनिवार को जेवलिन थ्रो फाइनल में वो 12वें स्थान पर रहे। 28 वर्षीय पंजाब के एथलीट ने गुरुवार को पदक की उम्मीदें जगाई थी, जब क्वालीफाइंग राउंड में वो सातवें स्थान पर रहे थे। मगर फाइनल में वो टॉप-10 में भी अपनी जगह नहीं बना सके।
कंग ने 84.22 मीटर की दूरी पर जेवलिन थ्रो (भाला फेंककर) करके फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। बता दें कि फाइनल में क्वालीफाई करने के लिए तय दूरी 83 मीटर थी, जिसमें कंग तो क्वालीफाई करने में सफल हुए थे, लेकिन नीरज चोपड़ा बाहर हो गए थे।
कंधे की चोट से जूझ रहे दविंदर का फाइनल में पहला ही थ्रो काफी निराशाजनक रहा। उन्होंने 75.40 मीटर की दूरी पर थ्रो किया, जो कहीं से भी टॉप-8 एथलीटों के करीब नहीं था। दविंदर का हाल तब और बुरा हो गया जब दूसरे प्रयास में उनका फाउल हुआ और इसे डिसक्वालिफाई माना गया।
तीसरे प्रयास में दविंदर 80.02 मीटर की दूरी पर थ्रो कर सके और फाइनल से बाहर हो गए। वैसे जर्मनी के जोहान्स वेटर ने 89.89 मीटर की दूरी पर थ्रो करके गोल्ड मेडल जीता। चेक रिपब्लिक के जकुब वाद्लेज्च (89.73 मीटर) और पेट्र फ्रीद्र्यच (88.32 मीटर) ने क्रमशः सिल्वर व ब्रॉन्ज मेडल जीता।
भारत का प्रदर्शन भी लंदन में आयोजित 2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में निराशाजनक रहा। 25 एथलीटों में से कोई भी एक पदक नहीं जीत सका। अंजू बॉबी जॉर्ज अभी भी वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में पदक जीतने वाली एकमात्र भारतीय एथलीट बनी हुई है। जॉर्ज ने 2003 में पेरिस में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप्स की लांग जंप स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।