पीटीआई के मुताबिक, गोल्ड कोस्ट में टीम के साथ मौजूद एक अधिकारी ने दावा किया, 'सिरिंज भारतीय खिलाड़ियों की नहीं है। कंपाउंड में कई देशों के खिलाड़ी भी रुके हैं। सिरिंज भी भारतीय खिलाड़ियों के कमरे से नहीं बरामद हुई। भारतीय डॉक्टर ने ही यह सिरिंज अधिकारियों को सौंपी थी। यह गलत है कि हम पर शक किया जा रहा है।'
खेलों की आयोजन समिति ने अब एक जांच बैठा दी है। इसके बाद सभी 12 बॉक्सर, ,जिनमें 8 पुरूष और चार महिलाएं शामिल हैं, का डोप टेस्ट किया गया। सिरिंज की भी जांच की जा रही है। अगर बॉक्सर दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें कड़ी सजा भुगतनी होगी। टेस्ट का रिजल्ट ओपनिंग सेरेमनी मतलब 4 अप्रैल से पहले आ जाएगा।
इस घटना के बाद भारतीय एथलीटों पर कुछ रोक भी लगाई गई हैं। रात 10 बजे के बाद कोई एथलीट खेल गांव से बाहर निकल सकेगा। गोल्ड कोस्ट में मौजूद भारतीय अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के प्रवक्ता बेन निकोलस ने भी घटना की पुष्टि की है। मगर उन्होंने खिलाड़ियों की राष्ट्रीयता की घोषणा करने से फिलहाल इंकार कर दिया है। पता हो कि CWG में खिलाड़ियों की सिरिंज रखने पर प्रतिबंध है। अगर किसी को इमरजेंसी के लिए रखनी भी होती है तो उसे परमीशन लेने के बाद इंजेक्शन डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होता है।