गोल्डकोस्ट में जारी कॉमनवेल्थ खेल में भारत ने चमत्कारिक प्रदर्शन करते हुए ग्लासगो कॉमनवेल्थ से ज्यादा गोल्ड मेडल जीत लिए। यह कमाल शुक्रवार को 15 वर्षीय अनीश बनवाल की पिस्टल से हुआ। 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल फाइनल्स में चमत्कारिक प्रदर्शन करते हुए अनीश ने गोल्ड मेडल जीत लिया। अपना पहला कॉमनवेल्थ खेल रहा यह नौजवान भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाला सबसे कम उम्र का खिलाड़ी बन गया।
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हरियाणा के सोनीपत जिले के कसांदी गांव में पैदा हुए अनीश कम उम्र से ही शूटिंग के प्रति आकर्षित थे। शूटिंग को महंगा खेल माना जाता है। सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले अनीश की रूचि देखते हुए घरवालों ने भी सपोर्ट किया। परिवार का दूर-दूर तक खेलों से कोई संबंध नहीं था। करनाल शूटिंग रेंज में अभ्यास करने के लिए इनके पिता ने पिस्टल तक उधार ली थी। 2014 में बेटे के बेहतर करियर के लिए पूरा परिवार हरियाणा से दिल्ली आ बसा, जहां उसे बेहतर ट्रेनिंग मिल सके।