साई ने अमित पंघाल, विकास कृष्ण, सतीश कुमार, आशीष कुमार, सिमरनजीत कौर, पूजा रानी, लोवलीना समेत कई बॉक्सरों का एनआईएस में कैंप लगाया है। ये सभी कैंपस में प्रवेश से पहले एकांतवास में भेजे गए हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को तीन से चार से बॉक्सर बाहर स्थित एकांतवास केंद्र से अंदर भेज दिए गए, जबकि इन बॉक्सरों के एकांतवास के तीन से सात दिन ही हुए हैं। यहीं से खिलाडिय़ों में रोष और हड़कंप मचा।
संस्थान के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक कर्नल आरएस बिश्नोई का कहना है कि इन बॉक्सरों का कोविड-19 टेस्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें अंदर महज फिटनेस ट्रेनिंग की इजाजत दी गई है। हालांकि 14 दिन के एकांतवास की बात पर उनका कहना है कि यह राज्यों की गाइडलाइंस को देखकर निर्धारित किया जा रहा है।
खिलाडिय़ों में रोष इस बात को लेकर है कि एकांतवास को लेकर एक सा नियम नहीं है। वेटलिफ्टिंग कोच दत्तन कैंप में शामिल होने से पहले 14 दिन एकांतवास में गए। हालांकि उनकी कोरोना रिपोर्ट तीन दिन में नेगेटेटिव आ गई थी। जैसे ही वह कैंप में शामिल हुए उन्हें उनके संस्थान एयरफोर्स से कहा गया कि उनको अपने हेडक्वार्टर में रिपोर्टिंग दिखानी होगी। उन्हें मजबूरन आगरा जाना पड़ा। वह सुबह आगरा गए और हस्ताक्षर कर रात में वापस आ गए, लेकिन उन्हें फिर 14 दिन के एकांतवास में भेज दिया गया। इसी तरह जेवेलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा के फीजियो को भी 14 दिन के एकांतवास में भेजा गया है। खिलाड़ी इसी बात का विरोध जता रहे हैं कि जब सभी को 14 दिन एकांतवास में भेजा जा रहा है तो कुछ खिलाडिय़ों को जल्द अंदर कैसे बुलाया गया।