कोरोना के विकराल रूप के कारण कई देशों की ओर से भारतीयों के प्रवेश पर लगाई गई रोक ने देश के खिलाडिय़ों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। ग्वाटेमाला में स्वर्णिम प्रदर्शन करने वाले तीरंदाजों को नीदरलैंड ने अपने यहां प्रवेश देने से मना कर दिया, जिसके चलते उन्हें अब पेरिस होते हुए बंगलूरू लाना पड़ रहा है। इस यात्रा में तीन दिन का समय लगेगा।
वहीं ओलंपिक क्वालिफायर के लिए सोफिया (बुल्गारिया) जा रहे भारतीय पहलवानों को भी नीदरलैंड ने ही अपने यहां उतरने की इजाजत नहीं दी है। जिसके चलते आधे पहलवान मंगलवार की रात सोफिया केलिए रवाना नहीं हो पाए।
तीरंदाज तीन देश होकर तीन दिन में पहुंचेंगे
तीरंदाजों को ग्वाटेमाला से पनामा और वहां से एम्सटर्डम (नीदरलैंड) होते हुए दिल्ली पहुंचना था, लेकिन नीदरलैंड के इंकार के बाद टीम के टिकट रद्द हो गए। इसके बाद नए सिरे से टीम के टिकट कराने पड़े।
अब तीरंदाज मंगलवार को पनामा के लिए रवाना होंगे। वहां से पेरिस और उसके बाद बंगलूरू लौटेंगे। बंगलूरू से टीम को एएसआई पुणे भेजा जाएगा। टीम 29 अप्रैल को लौट पाएगी। दीपिका ने उम्मीद जताई है कि टीम सुरक्षित तरह से देश वापस पहुंचे।
आधे पहलवान आज होंगे सोफिया रवाना
क्वालिफाई करने जा रहे फ्रीस्टाइल पहलवान अमित धनकड़, सत्यवर्त कादियां, सुमित, सीमा, निशा, पूजा को आज रात सोफिया रवाना होना था। लेकिन इन पहलवानों को टिकट रद्द किए जाने के चलते रोकना पड़ा है।
अब इन पहलवानों को 30 अप्रैल को सोफिया रवाना किया जाएगा। वहीं ग्रीको रोमन के पांच पहलवान और रवि कुमार, दीपक पूनिया को बुधवार की सुबह मुंबई से पेरिस होकर सोफिया पहुंच रहे हैं।