दो ओलंपिक पदक जीतने वाली निशानेबाज मनु भाकर के कोच जसपाल राणा ने खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) को ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए मनु की अनदेखी किए जाने पर निशाना साधा है।
कोच जसपाल राणा की प्रतिक्रिया
राणा ने कहा, 'मैं उन सभी को जिम्मेदार ठहराऊंगा। कोई कैसे कह सकता है कि मनु ने आवेदन नहीं किया। उन्होंने एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रचा है। उनका नाम तो अपने आप आना चाहिए। क्या अधिकारियों को पता नहीं है कि मनु भाकर कौन है और उनकी क्या उपलब्धि है। इस अपमान से उनकी प्रगति में बाधा पहुंचेगी।'
'कोई शीर्ष खिलाड़ी पुरस्कार के लिए आवेदन क्यों करे?'
उन्होंने यह भी कहा कि पुरस्कार के लिए खिलाड़ियों के सीधे आवेदन करने की अनिवार्यता खेल के हित में नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि मनु ने पुरस्कार के लिए आवेदन नहीं किया है, लेकिन उनके पिता रामकिशन भाकर ने कहा कि उन्होंने आवेदन किया है। राणा ने कहा, 'यह हैरानी की बात है। कोई शीर्ष खिलाड़ी पुरस्कार के लिए आवेदन या अनुरोध क्यों करे। उन्हें तो अपने आप पुरस्कार मिलना चाहिए। उनकी अनदेखी कैसे हो सकती है। कोई व्यवस्था तो होनी चाहिए।'
'कौन होगा जिम्मेदार?'
उन्होंने कहा, 'क्या हर खिलाड़ी को पता है कि कैसे आवेदन करना है। क्या इसका कोई तुक है कि सिर्फ खिलाड़ी ही आवेदन कर सकता है। महासंघ, साइ या मंत्रालय क्यों नहीं।'