देश में डोपिंग की जड़े ऐसे खेलों में गहराने लगी हैं जिनमें पहले कभी शक्तिवर्धक और प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले ड्रग्स का नाम तक नहीं आया। टेनिस के बाद देश में पहली बार मोटर स्पोर्ट्स जैसे खेल में डोपिंग का मामला सामने आया है। वह भी एनाबॉलिक स्टेरायड स्टेनोजोलॉल के सेवन के लिए। नाडा की ओर से की गई सैंपलिंग में सुपरबाइक चैंपियन इस स्टेरायड के लिए डोप पॉजिटिव पाया गया है।
अब तक डोपिंग में एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग, बॉडीबिल्डिंग, पावरलिफ्टिंग जैसे खेलों का बोलबाला रहा है, लेकिन साल 2018-19 में टेनिस और मोटर स्पोर्ट्स जैसे खेलों में भी इस धोखाधड़ी ने दस्तक दे दी है। हालांकि इसका खुलासा तो नाडा के एंटी डोपिंग हियरिंग पैनल की सुनवाई के समक्ष ही हो सकेगा कि इन खेलों में प्रतिबंधित ड्रग्स का सेवन जानबूझकर किया गया है या फिर एंटी डोपिंग नियमों की अज्ञानता इसमें आड़े आई है।
नाडा ने इस साल सैंपलिंग के लिए नए खेलों को भी निशाने पर लिया है। इसी के तहत बीते वर्ष के अंत में ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर हुई एक चैंपियनशिप में कई कार रेसरों और सुपरबाइकरों की सैंपलिंग की गई। इसी सैंपलिंग में राजस्थान के सुपरबाइकर विजय सिंह डोप में फंसे हैं। विजय ने फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब्स ऑफ इंडिया (एफएमएससीआई) के बैनर तले होने वाली कुछ चैंपियनशिप में सुपरबाइक कैटेगरी में खिताब जीते हैं। एफएमएससीआई को भी विजय के डोप में फंसने की जानकारी है। फेडरेशन ने साफ किया है कि उन्हें विजय के बी सैंपल की टेस्ट रिपोर्ट मिलना बाकी है। इसके बाद नाडा हियरिंग पैनल के समक्ष सुपरबाइकर की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा। फेडरेशन भी सुपरबाइकर के डोप में फंसने को लेकर हैरान है। उसका कहना है कि आज तक उनका कोई भी रेसर डोपिंग में नहीं फंसा है।
इस खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कम है डोपिंग के केस
मोटर स्पोर्ट्स में डोपिंग का मामला इस वजह से भी हैरान करता है क्यों कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस तरह के मामले बेहद कम हैं। हैरानी की सबसे बड़ी वजह स्टेरायड का सामने आना है। स्टेरायड का उपयोग पॉवर खेलों में सामने आता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मोटर स्पोर्ट्स में डोपिंग के मामले स्टीमुलेंट को लेकर हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम इंडी कार रेसर एजे एलमेनडिंगर का है। वह स्टीमुलेंट एडेराल के लिए डोप में फंसे थे। इसकेबाद उनके टीम मालिक रोजर पेंस्के ने उन्हें टीम से बाहर कर दिया था।