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सीजीएफ ने बत्रा के बयान को किया खारिज, कहा- कॉमनवेल्थ गेम्स पहले से ज्यादा प्रासंगिक

Fri, 27 Sep 2019 10:22 PM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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डेविड ग्रेवेम्बर्ग और नरिंदर बत्रा - फोटो : सोशल मीडिया
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राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष के 'कम स्तर' के बयान को खारिज किया। सीजीएफ ने साथ ही कहा कि यह खेल पहले से ज्यादा प्रासंगिक हैं और भारत को इसमें अहम भूमिका निभानी है। 

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सीजीएफ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड ग्रेवेम्बर्ग ने कहा कि वह नवंबर में भारत का दौरा करेंगे और तभी बर्मिंगम में होने वाले 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग को हटाए जाने पर भारत की चिंताओं को दूर किया जाएगा।

इस दौरे पर ग्रेवेम्बर्ग के साथ सीजीएफ के अध्यक्ष लुइस मार्टिन भी होंगे। बत्रा के बयान के बारे में पूछे जाने पर ग्रेवेम्बर्ग ने कहा, 'नवंबर में होने वाला भारत का दौरा हमारे लिए काफी अहम है। हमारा ध्यान भारतीय ऐथलीटों को ज्यादा मौके देना है। हमारा दृष्टिकोण सम्मान करना, सुनना, सीखना और योगदान करना होगा। हम भारत में अपने सहयोगियों और दोस्तों से मिलने का इंतजार कर रहे हैं।'
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उन्होंने कहा, 'हम मानते है कि आधुनिक राष्ट्रमंडल और राष्ट्रमंडल खेलों आंदोलन अब पहले से ज्यादा प्रासंगिक है और इसमें भारत को अहम भूमिका निभानी है।'

बत्रा ने मंगलवार को बेंगलुरु में कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में प्रतिस्पर्धा का स्तर इतना ऊंचा नहीं होता और भारत को अपने मानकों को सुधारने के लिए इनसे हटने पर विचार करना चाहिए। बत्रा ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों के कार्यक्रम से निशानेबाजी को हटाने के बाद बर्मिंगम का बहिष्कार करने को कहा था। भारत राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी में काफी पदक जीतता है और वह इस खेल में कुल 134 पदक लेकर सभी देशों में दूसरे स्थान पर है।

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