केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 82वें स्थापना दिवस पर भव्य परेड का आयोजन 19 मार्च को गुरुग्राम के कादरपुर स्थित सीआरपीएफ अकादमी में किया गया। केंद्रीय पुलिस की बल की इस परेड में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। परेड के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस की महिला और पुरुष जवानों ने अनूठे करतब दिखाए। परेड में सीरआरपीएफ जवानों की ओर से बॉडीबिल्डर झांकी भी पेश की गई। बॉडीबिल्डर झांकी इस परेड के आकर्षण का मुख्य केंद्र रही।
इस परेड में जिन जवानों ने अपनी बॉडी का प्रदर्शन किया उसे देख सब हैरान थे। लोगों को भरोसा नहीं हो रहा था कि ये सीआरफीएफ के जवान हैं या फिर असली बॉडीबिल्डर। क्योंकि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के ये जवान देखने में किसी बॉडीबिल्डर से कम नहीं थे। यही वजह थी कि सीआरपीएफ जवानों की इस झांकी ने वहां मौजूद कई लोगों की वाहवाही बटोरी। मजबूत कद काठी वाले लंबे चौड़े हट्टे-कट्टे जवानों ने अपनी बॉडी इस तरह बनाई है जिनके आगे अच्छे खासे बॉडीबिल्डर को भी शर्म आ जाए।
इन बॉडीबिल्डर के जवानों के अलावा सीआरपीएफ की महिला डेयरडेविल्स ने स्टंट पेश किया। महिलाओं की इस स्टंट की वहां पर मौजूद सभी लोगों ने जमकर तारीफ की। साल 1986 में एशिया में पहली बार सीआरपीएफ में महिला बटालियन को शामिल किया गया। मौजूदा समय में महिलाओं की 6 बटालियन हैं. प्रत्येक बटालियन में एक हजार महिलाएं हैं.
केद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 82वीं परेड में मौजूद गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने महिला सशक्तीकरण में सीआरपीएफ महिला बटालियन के असाधारण कार्य की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा सीआरीपीएफ महिला बटालियन पुरुष बटालियन के साथ आतंकवाद, उग्रवाद, दंगा नियंत्रण सहित सामाजिक सद्भाव स्थापित करने में कंधे से कंधा मिलाकर उत्तरदायित्व निभा रही है।
सीआरपीएफ सबसे बड़ा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल है जिस गृह मंत्रालय संचालित करता है। सीआरपीएफ का मुख्य मकसद राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में पुलिस संचालन और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। जहां तक सीआरपीएफ की बात है तो इसकी स्थापना ब्रिटिशकालीन भारत में साल 1939 में हुई थी। स्वतंत्रता के बाद 28 दिसंबर 1949 को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल बन गया।