अपने पिता के साथ जीव मिल्खा सिंह
- फोटो : ट्विटर
गोल्फर जीव मिल्खा सिंह ने कहा कि उन्हें अपने पिता की अंतिम यात्रा की ज्यादा बातें याद नहीं है लेकिन वो वह दृश्य कभी नहीं भूलेंगे जब सेना का वाहन आया और उनसे निकले सैनिकों ने डैडी को सैल्यूट किया। भारत के महान धावक मिल्खा सिंह का 91 साल की उम्र में शुक्रवार को कोविड-19 की जटिलताओं के कारण निधन हो गया।
जीव ने ट्वीट किया कि हमारा परिवार हमेशा भारतीय सेना का आभारी रहेगा और वह एक बार फिर उन्हें शुक्रिया कहना चाहते हैं। अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि मैंने अपने माता-पिता को खो दिया। मेरे लिए यह बात भी काफी जज्बाती है कि मुझे लोगों से हजारों संदेश मिल रहे हैं जैसे उन्होंने भी कोई अपना खो दिया है। डैड के सभी प्रशंसकों और शुभचिंतकों का इस समय दुख की घड़ी में हमारा साथ देने के लिए धन्यवाद।
डैड मेरे सबसे अच्छे दोस्त, गाइड और मार्गदर्शक थे
जीव ने कहा कि उन्हें जिंदगी भर पिता की कमी खलेगी क्योंकि वह मेरे सबसे अच्छे दोस्त, गाइड और मेंटर (परामर्शदाता) थे। उनकी कमी से निपटने के लिए उन्हें जीवन भर के जज्बे की जरूरत होगी। रविवार को पितृदिवस पर उन्होंने कहा कि मुझे यह अहसास फिर हुआ कि मैंने क्या खो दिया।
स्टार गोल्फर जीव उस समय दुबई में थे जब मिल्खा सिंह कोरोना संक्रमित हुए थे। कुछ दिन बाद वह चंडीगढ़ पहुंच गए। उन्होंने कहा, उम्मीद करता हूं कि सभी तरह के मुश्किल हालात से निपटने के लिए मेरे पास उसी तरह का जज्बा और आंतरिक शक्ति होती। अभी मुझे इसकी बहुत जरूरत है और जीवन में आगे होगी।
दिग्गज मिल्खा की पत्नी और भारतीय वालीबॉल टीम की पूर्व कप्तान निर्मल कौर का निधन पति मिल्खा के निधन से पांच दिन पहले हुआ था। जीव ने कहा था कि मां परिवार की रीढ़ की हड्डी थीं।