भारत के स्टार पहलवान बजरंग पूनिया का पहली बार विश्व कुश्ती चैंपियनशिप खिताब जीतने का सपना अधूरा रह गया। भारतीय पहलवान को विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जापान के ताकुटो ओटोगुरो के हाथों 9-16 की शिकस्त झेलनी पड़ी। गोल्ड मेडल का सपना टूटा और बजरंग को सिल्वर से संतोष करना पड़ा। हंगरी के बुडापेस्ट में 65 किमी वर्ग में 24 वर्षीय बजरंग को 19 वर्षीय ओटोगुरो से शिकस्त झेलनी पड़ी।
जापानी पहलवान ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। वह विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाले जापान के सबसे कम उम्र के पहलवान बने। बता दें कि 2015 में ओटोगुरो कैडेट विश्व चैंपियन बने थे।
बजरंग पूनिया भले ही गोल्ड मेडल चूक गए, लेकिन उन्होंने अपने नाम एक खास उपलब्धि दर्ज करा ली है। वह विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बन गए हैं। इससे पहले उन्होंने 2013 में फ्रीस्टाइल कुश्ती के 60 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता था।
हालांकि, बजरंग पूनिया का एक सत्र में तीन बड़े खिताब जीतने का सपना अधूरा रह गया। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेल में गोल्ड मेडल जीता था। विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए स्वर्ण पदक सिर्फ दोहरे ओलिंपिक पदक विजेता सुशील कुमार ने ही जीता है, जिन्होंने 2010 में मास्को में 66 किलो वर्ग में यह कमाल किया था।