बजरंग ने फाइनल में जगह बनाने तक केवल एक अंक गंवाया था। उन्होंने सेमीफाइनल में उजबेकिस्तान के सिरोजिदिन खासानोव को 12-1 से हराया था। इससे पहले उन्होंने ईरान के पेमैन बियाबानी और श्री लंका के चार्ल्स फर्न को शिकस्त दी थी।
प्रवीण राणा ने पिछले सात वर्षों में अपना सबसे बड़ा पदक जीता हालांकि वह सोने का तमगा जीतने में नाकाम रहे। इस चैंपियनशिप में 2012 में कांस्य पदक जीतने वाले प्रवीण 79 किग्रा भार वर्ग के स्वर्ण पदक के मैच में 2017 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता ईरानी पहलवान बहमान मोहम्मद तैमूरी से 0-3 से हार गये। राणा ने सेमीफाइनल में कजाखस्तान के जी उसेरबायेव को 3 . 2 से हराया था। उन्होंने इससे पहले जापान के यूता एबे और मंगोलिया के टग्स अर्डेन डी को पराजित किया था।
सत्यव्रत कादियान ने भी 97 किग्रा भार वर्ग के क्वार्टर फाइनल में बतजुल उलजिसाइखान से हार गये थे लेकिन मंगोलिया के इस पहलवान के फाइनल में पहुंचने से उनकी पदक की उम्मीद बन गयी। कादियान ने कांस्य पदक के प्लेआफ में चीन के हाओबिन गाओ को 8-1 से हराकर भारत को दिन का तीसरा पदक दिलाया। इस बीच रवि कुमार 57 किग्रा भार वर्ग के कांस्य पदक के प्लेऑफ में पहुंच गए। उन्होंने रेपाशेज में ताइपै के चिया सो लियू को हराया। अब वह जापान के युकी ताकाहाशी से खेलेंगे । रजनीश को हालांकि 70 किग्रा में हारकर बाहर हो गए।