योगी भाई के फीतले दांव की काट नहीं
बजरंग का कहना है उनका कोई खास दांव नहीं है जो चल जाए वो ही दांव सही है। अलबत्ता वह यह जरूर कहते हैं कि वह योगी भाई (मेंटर और गुरु योगेश्वर दत्त)के फीतले दांव की कोई काट नहीं है लेकिन उनकी तरह पारंगत होना आसान नहीं है। अलबत्ता वह अभ्यास और कोशिश तो करते ही रहते हैं।
ग्रेडिंग प्रणाली से मिलेगी प्रेरणा: इस सीजन में पांच पदक जीतने वाले पूनिया इस बात को लेकर बेहद खुश हैं कि क्रिकेट के बाद कुश्ती में भी ग्रेडिंग शुरू हो गई है और एक ही ग्रेड में शामिल महिला और पुरुष पहलवानों को एकसमान राशि है।
अब ओलंपिक पदक की हसरत : बजरंग के खाते में विश्व चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल के एक नहीं दो-दो पदक हैं। उनका कहना है उनकी ट्रॉफियों की अलमारी में बस एक ओलंपिक पदक की कमी है जो उनका बड़ा ख्वाब है। मेहनत रंग लाई तो इस बार 2020 टोक्यो में वह हसरत भी पूरी हो जाएगी।