वैश्विक स्तर पर 65 किलो वर्ग में अपना लोहा मनवा चुके बजरंग पूनिया ने कहा है कि वह अगले महीने होने वाले विश्व चैंपियनशिप ट्रायल से छूट नहीं मांगेंगे। भारतीय कुश्ती महासंघ जुलाई के आखिरी सप्ताह में विश्व चैंपियनशिप के लिए चयन ट्रायल आयोजित करेगा।
पिछले दस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में से बजरंग सिर्फ एक मुकाबला हारे हैं। यह हार उन्हें विश्व चैंपियनशिप फाइनल (2018) में जापान के ताकुतो ओतोगुरो से मिली थी। इसके अलावा वह मेडिसन स्क्वेयर पर आमंत्रण मुकाबले में स्थानीय पहलवान यिआन्नी डियाकोमिहालिस से हारे थे। दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी बजरंग की निगाह सितंबर में कजाखस्तान में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतकर ओलंपिक का टिकट कटाने पर है।
अपने कमजोर लेग डिफेंस के बारे में बजरंग ने कहा,‘यह पुरानी आदत है। मैं मिट्टी पर कुश्ती सीखा लेकिन मैट पर आगे की ओर बढ़कर खेलना होता है। यही वजह है कि मेरा लेग डिफेंस उतना मजबूत नहीं है। मैं इस पर मेहनत कर रहा हूं। कोच चाहते हैं कि मैं विश्व चैंपियनशिप के जरिए ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करूं ताकि हमारे पास तैयारी के लिए पूरा एक साल रहे।’
उन्होंने कहा, ‘मैं ट्रायल के लिए तैयार हूं। मैं यह नहीं कह सकता कि ट्रायल में भाग नहीं लूंगा। यदि महासंघ मुझे छूट देता है तो बात अलग है।’ बजरंग सोनीपत में चल रहे राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा नहीं है। महासंघ ने उन्हें निजी कोचिंग स्टाफ के साथ अभ्यास की अनुमति दे दी है।