कजाकिस्तान में हो रहे वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में पहलवान बजरंग पूनिया भले ही गोल्ड मेडल हासिल न कर पाए हो, लेकिन शुक्रवार को कांसा जीतते ही उन्होंने इतिहास रच दिया। मंगोलियन पहलवान को 8-7 से पटकते हुए बजरंग इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में तीन पदक जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बन गए।
पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक जीतकर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में अपना कुल तीसरा पदक हासिल किया। बजरंग ने इससे पहले 2013 में कांस्य और 2018 में रजत पदक जीता था। बजरंग ने शुक्रवार को कांस्य पदक के मुकाबले में मंगोलिया के तुल्गा तुमुर ओचिर को 8-7 से हराया। ओचिर अंडर-23 वर्ग में एशियाई चैम्पियन है। ओचिर ने मुकाबले की शुरुआत में ही बजरंग को मैट से बाहर कर दबाव में ला दिया। उन्होंने बजरंग की हाथों पर मजबूत पकड़ बनाई, जिससे यह भारतीय पहलवान जवाबी हमला नहीं कर पाया। इसके बाद ओचिर ने चार अंक हासिल कर 6-0 की बढ़त कायम कर ली।
बजरंग ने दूसरे पीरियड में अपने अंदाज में जवाबी हमले के साथ वापसी की। उन्होंने पहले विरोधी खिलाड़ी की बढ़त को कम किया और फिर एक अंक की बढ़त हासिल कर करीबी मुकाबले को 8-7 से अपने नाम कर लिया। यह मौजूदा सत्र का पहला टूर्नामेंट है जहां बजरंग फाइनल में जगह पक्की करने में नाकाम रहे। उन्होंने हालांकि टूर्नामेंट से ओलंपिक कोटा हासिल कर लिया।
बजरंग ने सेमीफाइनल में मिली हार में ‘पक्षपातपूर्ण अंपायरिंग ’ का आरोप लगाते हुए कहा, ‘मैं यह कभी नहीं भूलूंगा कि उन्होंने मेरे साथ क्या किया। उस मुकाबले के बाद मेरा दिल पूरी तरह से टूट गया था और मैं कांस्य पदक के मुकाबले के लिए मैट पर नहीं आना चाहता था। पूरी दुनिया ने देखा कि उन्होंने क्या किया। मैंने विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक के लिए काफी मेहनत की थी। मैंने यूडब्ल्यूडब्ल्यू से इस मामले में कुछ करने की अपील की है।’
उन्होंने कहा, ‘मेरे कोच ने कहा कि पदक तो पदक होता है इसलिए मैं मुकाबले में उतरने के लिए तैयार हुआ। मुझे देश के लिए विश्व चैम्पियनशिप का तीसरा पदक जीतने की खुशी है।’ बजरंग गुरुवार को स्थानीय पहलवान दौलत नियाजबेकोव से सेमीफाइनल मुकाबला विवादास्पद परिस्थितियों में हार गए थे। बजरंग से जब पूछा गया कि वह मुकाबले के दौरान ज्यादातर समय तक पिछड़ रहे थे, क्या उनके डिफेंस में कोई खामी थी? उन्होंने कहा, ‘नहीं, यही मेरा तरीका है। मैं पिछड़ने के बाद अच्छा प्रदर्शन करता हूं। मैं वर्षों से ऐसा कर रहा हूं।’
बजरंग ने विश्व चैम्पियनशिप से पहले बुल्गारिया के दान कोलोव, चीन में एशियाई चैम्पियनशिप, रूस के अली अलियेव और तिबलिसि ग्रांप्री में स्वर्ण पदक हासिल किया था। पूर्व ओलंपिक कांस्य विजेता और बजरंग के गुरु योगेश्वर दत्त ने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी। योगेश्वर ने बजरंग को टैग करते हुए लिखा, ‘विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने की बहुत बहुत शुभकामनाएं बेटा बजरंग पूनिया। हिंदुस्तान का पहला पहलवान जिसने विश्व चैम्पियनशिप में तीन पदक जीते। देश को गर्व है तुम पर, जयहिंद।’
बजरंग के साथ-साथ ओलंपिक का टिकट कटाने वाले रवि कुमार दहिया (57 किग्रा) ने भी कांस्य पदक हासिल किया। टोक्यो ओलंपिक के लिए सबसे पहले क्वालीफाई करने वालीं विनेश फोगाट ने गुरुवार को रेपचेज राउंड के माध्यम से कांस्य पदक जीता था।