ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का स्वर्णिम प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार सुबह जहां तेजस्विनी सावंत के गोल्ड जीतते ही भारत ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ के अपने प्रदर्शन को सुधारा तो इसके ठीक बाद एक बुरी खबर आ गई। भारत के 2 एथलिट्स को खेल गांव से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। दोनों ही खिलाड़ियों को नो नीडल पॉलिसी के उल्लंघन करने का दोषी पाया गया। फिलहाल भारत के ये दोनों एथलिट राकेश बाबू और केटी इरफान अपने परिचित के घर ठहरे हैं। भारतीय दल के अधिकारी दोनों के वापस स्वदेश लौटने का इंतजाम कर रहे हैं।
दरअसल, किसी भी इंटरनेशनल लेवल की खेल प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को दवाईयों या पेनकिलर के इस्तेमाल पर मनाही होती है। भारत के ट्रिपल जम्पर राकेश बाबू और रेस वॉकर केटी इरफान पर आरोप है कि दोनों ने इसका उल्लंघन किया। जांच में दोनों को सीरिंज मामले में दोषी पाया गया है।
इरफान रविवार को अपने मुकाबले में उतरे थे और 20 किमी रेस वॉक में 13वें स्थान पर रहे थे, वहीं राकेश बाबू को कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन कोर्ट के फैसले पर शनिवार को होने वाले ट्रिपल जम्प से भी बैन कर दिया गया है। शुक्रवार को गोल्ड कोस्ट अधिकारियों ने इसकी घोषणा की। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब इनके कमरे में सफाई के दौरान कर्मचारी को एक कप में सीरिंज मिली।