अचानक उनका नाम स्टार्ट लिस्ट से हटा दिया गया। उसके बाद ही खुलासा हुआ कि वह डोप में फंस गए हैं। इससे पहले 15 मई को नाडा ने कांग को मारीजुआना (टेट्राहायड्रो कैनाबिनॉल) के लिए पकड़ा था, लेकिन स्पेसीफाइड सूची में होने के कारण उन पर अस्थाई प्रतिबंध नहीं लगा था।
इस मामले में अभी भी नाडा में सुनवाई चल रही है। इस बार मामला स्टेरॉयड का है। दोनों आरोप साबित होने पर कांग पर चार साल से लेकर आजीवन प्रतिबंधित लग सकता है। हालांकि एक सच्चाई यह भी है कि एआईयू की ओर से सैंपल लिए जाने से दो दिन पहले ही कांग का ब्लड सैंपल भी लिया गया था, लेकिन उसमें वह नेगेटिव पाए गए।