पिछले एशियाई खेलों में भारत ने जो 57 पदक जीते थे उनमें से 13 पदक एथलीटों ने हासिल किए थे जिनमें दो स्वर्ण पदक भी शामिल हैं। भारत ने एशियाई खेलों में भाला फेंक में कभी स्वर्ण पदक नहीं जीता और उम्मीद है कि चोपड़ा नया इतिहास रचने में सफल रहेंगे।
लेकिन अंडर-20 विश्व चैंपियन के लिए मार्ग आसान नहीं है। उन्होंने इस साल मई में दोहा में डायमंड लीग में 87.43 मीटर भाला फेंका लेकिन उन्हें चीनी ताइपै के चेंग चाओ सुन से कड़ी चुनौती मिलेगी जिनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 91.36 है जो उन्होंने पिछले साल हासिल किया था।
सुन हालांकि इस सत्र में केवल 84.60 मीटर ही भाला फेंक पाए हैं। वह कोहनी की चोट से जूझ रहे हैं। पुरूषों के भाला फेंक का फाइनल 27 अगस्त को होगा।
भारत की तरफ से भाला फेंक में आखिरी पदक 1982 में नयी दिल्ली में गुरतेज सिंह ने कांस्य पदक के रूप में जीता था।
हिमा पर भी काफी दारोमदार है, जिन्होंने आईएएएफ विश्व जूनियर चैंपियनशिप में 400 मीटर में 51.46 सेकेंड के साथ स्वर्ण पदक जीता था। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली महिला भारतीय हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में 51.32 सेकेंड का समय निकाला था जो विश्व स्तर पर छठा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
लेकिन अगर बहरीन की सालवा ईद नासिर कुछ गड़बड़ी नहीं करती तो फिर हिमा के लिए स्वर्ण जीतना आसान नहीं होगा। नाईजीरिया में जन्मी नासिर 2017 की विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता हैं। उन्होंने इस साल डायमंड लीग सीरीज में चार चरण जीते हैं।
उन्होंने मोनाको डायमंड लीग में 49.08 सेकेंड का समय निकाला जो कि एशियाई रिकार्ड है। नासिर लगातार 50 सेकेंड से कम का समय निकालती है और वह जकार्ता में 400 मीटर में स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार हैं।
हिमा के साथ कल क्वालीफिकेशन राउंड में निर्मला शेरोन भी इस स्पर्धा में उतरेंगी जिनका सर्वरेष्ठ प्रदर्शन 51.25 सेकेंड है।
खेल पंचाट से लिंग संबंधी मामला जीतने के बाद 22 वर्षीय दुती चंद ने जून में अंतरराज्यीय राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 11.29 सेकेंड के समय के साथ 100 मीटर में नया राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया।
लेकिन उनका यह समय चीन की वेई योंगली (10.99), बहरनी की हाजर साद अल अमीरी (11.17) और विक्टोरिया जयाबकिना (11.20) से अधिक है। महिलाओं के 100 मीटर और 400 मीटर का क्वालीफिकेशन शनिवार को होगा।
पुरूषों के गोला फेंक में ताजिंदर पाल सिंह कल पदक के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेंगे। एशिया में इस सत्र में उनका प्रदर्शन (20.24 मीटर) सर्वश्रेष्ठ है।
मोहम्मद अनस भी पुरूषों की 400 मीटर दौड़ के क्वालीफिकेशन में हिस्सा लेंगे। अपने करियर के अवसान पर खड़ी चक्का फेंक की एथलीट सीमा पूनिया भी अपना खिताब बचाने की कोशिश करेगी लेकिन उन्हें चीनी प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है।
सरिता सिंह कल महिलाओं के तारगोला फेंक के फाइनल में भाग लेगी जबकि तेजस्विन शंकर की अनुपस्थिति में बी चेतन पुरूषों की लंबी कूद में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
भारत 4x400 मिश्रित रिले में स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार है जबकि महिलाओं की 4x400 मीटर में उम्मीद की जा रही है कि वह अपने खिताब का बचाव करने में सफल रहेगा।