एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता मनजीत सिंह ने मंत्रालय से आग्रह किया कि उन्हें टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) में शामिल किया जाए जिससे कि वह 2020 ओलंपिक जैसे आगामी बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी कर सकें।
800 मीटर दौड़ के चैंपियन मनजीत के पास कोई नियमित नौकरी नहीं है। ओएनजीसी ने मार्च 2016 में उनका अनुबंध बढ़ाने से इनकार कर दिया था, क्योंकि वह नतीजे नहीं दे पा रहे थे। विपरीत हालात के बावजूद मनजीत ने सेना के कोच अमरीश कुमार के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग जारी रखी जिसके बाद उन्हें राष्ट्रीय शिविर के लिए बुलाया गया।
हरियाणा के जींद जिले के उझाना गांव के मनजीत ने कहा कि मैंने मार्च 2016 में नौकरी गंवा दी क्योंकि ओएनजीसी ने मेरा अनुबंध बढ़ाने से इनकार कर दिया। मैं नतीजे नहीं दे रहा। इससे पहले मुझे सहायता राशि मिल रही थी। अब मैंने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत लिया है। उम्मीद करता हूं मंत्रालय मेरी उपलब्धियों और परेशानियों पर ध्यान देगा। मेरे पास कोई प्रायोजक नहीं है और ना ही कोई कंपनी मुझे सहायता दे रही है।
मैं उम्मीद कर रहा हूं कि खेल मंत्रालय मुझे टाप्स में जगह देगा जिससे कि मैं अपनी ट्रेनिंग जारी रख सकूं। अंतरराष्ट्रीय सत्र अब खत्म हो चुका है और मनजीत ने कहा कि अगला साल उनके लिए अहम होगा क्योंकि एशियाई चैंपियनशिप और विश्व चैंपियनशिप होनी है। मनजीत ने कहा कि मैं इन दोनों चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं। इसके बाद 2020 ओलंपिक होने हैं लेकिन इसकी ट्रेनिंग के लिए मुझे वित्तीय सहायता चाहिए। उम्मीद करता हूं कि खेल मंत्रालय मेरी मदद करेगा।