युवा भारतीय निशानेबाज लक्ष्य श्योराण ने सोमवार को यहां 18वें एशियाई खेलों की पुरूष ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। 19 साल के लक्ष्य ने 45 में से 39 निशाने सही लगाए जिससे वह पोडियम में दूसरे स्थान पर रहे।
ताईपे के कुनपी यांग ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया, साथ ही उन्होंने 48 अंक से खेलों के रिकार्ड की भी बराबरी की। वहीं कोरिया के डाएमयियोंग अहन ने जेएससी शूटिंग रेंज में 30 अंक से कांस्य पदक प्राप्त किया।
इसी इवेंट में अनुभवी शूटर मानवजीत सिंह संधू क्वालीफिकेशन में शीर्ष पर रहे थे लेकिन वह फाइनल में 30 शॉट में से 26 अंक से चौथे स्थान पर रहे। यह भारतीय निशानेबाजी दल का इन खेलों में तीसरा पदक है।
इसके पहले आज ही दीपक कुमार ने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था तो अपूर्वी चंदेला-रवि कुमार ने संयुक्त रूप से शूटिंग के ही एक इवेंट में देश को ब्रॉन्ज दिलाया था।
बेटे की इस सफलता के बाद लक्ष्य के पिता की आंखों में खुशी के आंसू देखे गए। उन्हें अपने बेटे पर पूरा भरोसा था कि वह देश को इस चैंपियनशिप में पदक दिलाकर ही रहेगा। माता प्रोमिला देवी ने कहा कि लक्ष्य के लिए और देश के लिए पदक सिल्वर हो सकता है। उनके लिए यह पदक गोल्ड से कम नहीं है।
परिजन ने विश्वास दिलाया कि लक्ष्य ओलंपिक में भी देश के लिए गोल्ड मेडल लेकर आएंगे। लक्ष्य श्योरण ने 2014 में शूटिंग की शुरूआत की थी। 2015 में कुवैत में हुई एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर पदक जीता था। इसके बाद 13वीं अंराष्ट्रीय प्रतियोगिता इटली में सिल्वर, थाइलेंड में हुई सातवीं इंटरनेशन जूनियर कप प्रतियोगिता में सिल्वर पदक जीता।
2016 में वर्ल्ड कप में कांस्य पदक जीता। जुलाई 2017 में जर्मनी में हुई इंटरनेशन कप प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। फिनलेंड में 2017 में हुई नौंवी जूनियर कप प्रतियोगिता में सिल्वर पदक जीता। इसी साल मार्च में सिडनी में हुए जूनियर वर्ल्ड कप में भी लक्ष्य ने कांस्य पदक जीता।