एशियाई खेलों के दूसरे दिन ही भारतीय पहलवानों को बिना आधिकारिक किट के मैट पर उतरना पड़ा। आईओए की ओर से भारतीय दल के हर सदस्य को सेरेमोनियल और स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराई गई है, लेकिन स्पोर्ट्स किट कई खेलों के खिलाडियों को फिट नहीं बैठ रही है। नतीजन पहलवानों को कुश्ती मुकाबलों के पहले दिन अपनी ओर से जुटाई गई कास्ट्यूम में मैट पर उतरना पड़ा।
सिर्फ सुशील कुमार और पवन कुमार ही आधिकारिक कास्ट्यूम में उतरे, जबकि बजरंग, संदीप तोमर, मौसम खत्री अपनी कास्ट्यूम में खेलने उतरे। यही नहीं महिला पहलवानों को भी कास्ट्यूम रास नहीं आ रही है। उनके भी अपनी ओर से जुटाई गई कास्ट्यूम पहनकर खेलने की बात कही जा रही है।
वहीं वेटलिफ्टरों को भी उपलब्ध कराई गई किट फिट नहीं आ रही है। लिफ्टरों ने आईओए से दूसरी किट उपलब्ध कराने को कहा है। आईओए ने इस बार ली निंग के जरिए भारतीय दल को किट उपलब्ध कराई है। आईओए ने सभी खेल संघों से खिलाडियों की नाम मांग ली थी।
उसी के अनुसार तैयार स्पोर्ट्स किट खिलाडियों को दी गई, लेकिन पहले ही दिन खिलाडियों के आधिकारिक किट के बिना मुकाबलों में उतरने का सिलसिला शुरू हो गया। आधिकारिक किट में देश का नामए झंडा और आईओए का प्रतीक चिन्ह बना है। सूत्र बताते हैं कि पहलवानों को तीन लाल और तीन नीले रंग की कास्ट्यूम दी गई थी जो उन्हें फिट नहीं आई।