भारतीय मुक्केबाज संजीत (91 किग्रा) ने सोमवार को एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। फाइनल में संजीत ने पांच बार के एशियन चैंपियन और रियो ओलंपिक के रजत पदक विजेता कजाकिस्तान के मुक्केबाज वासिली लेविट को हराया।
पंघाल और थापा को रजत
उधर, अमित पंघाल (52 किग्रा) फाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। खिताबी मुकाबले में उन्हें रियो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और मौजूदा विश्व चैंपियन उज्बेकिस्तान के मुक्केबाज जोइरोव शाखोबिदीन ने 3-2 से हराया। बता दें कि भारत ने पंघाल की 52 किलो वर्ग के फाइनल में हार का रिव्यू मांगा था, जिसे जूरी ने खारिज कर दिया। वहीं, शिव थापा (64 किग्रा) को भी फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। असम के इस मुक्केबाज को एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता मंगोलिया के बातरसुख चिनजोरिग ने 3-2 से हरा दिया। इन दोनों मुक्कबाजों को रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।
भारतीय महिलाओं ने एक स्वर्ण, तीन रजत और छह कांस्य सहित कुल 10 पदक जीते
ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुकी पूजा ने फाइनल में उज्बेकिस्तान की मावुलडा मोवलोनोवा को 5-0 पराजित किया। यह उनका टूर्नामेंट में पहला ही मुकाबला था। उन्हें सेमीफाइनल में वॉकओवर मिला था। मैरीकॉम को कजाखस्तान की नाजिम काइजेबी के हाथों 2-3 से, लालबुतसाई को मिलाना साफरोनोवा से 2-3 से और अनुपमा को लजाट से इसी अंतर से हार झेलनी पड़ी थीं। बता दें कि भारतीय महिलाओं ने टूर्नामेंट एक स्वर्ण, तीन रजत और छह कांस्य सहित कुल 10 पदक जीते।