भारतीय तीरंदाजों का भविष्य एक बार फिर अधर में लटक गया है। वर्ल्ड आर्चरी ने भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के 22 दिसंबर को हुए चुनाव को मान्यता नहीं दी है। यही नहीं वर्ल्ड आर्चरी ने चुनाव प्रक्रिया की रिपोर्ट एएआई से 25 जनवरी तक मांगी है।
इसी दिन वर्ल्ड आर्चरी एएआई पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लेगा। अगर तीरंदाजी संघ पर प्रतिबंध लगता है तो भारतीय तीरंदाज देश के झंडे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग नहीं ले पाएंगे। संभावना यह भी है भारतीय तीरंदाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने की अनुमति ही न मिले।
वर्ल्ड आर्चरी के सेक्रेटरी जनरल टॉम डिलेन की ओर से एएआई के अध्यक्ष बीवीपी राव को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि कार्यकारिणी को 22 दिसंबर का चुनाव स्वीकार नहीं है। साथ ही उनके अध्यक्ष बनने और उनकी अगुआई में बनी कार्यकारिणी को भी स्वीकार नहीं किया जाता है। जिस संविधान के अनुसार चुनाव हुआ है वह पहले आम सभा से मंजूर नहीं किया गया है।
इसे सिर्फ चुनाव पर्यवेक्षक (एएआई प्रशासक एसवाई कुरैशी) की ओर से ही स्वीकार किया गया है। उन्हें यह भी पता लगा है कि देश का खेल मंत्रालय और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन को भी यह संविधान स्वीकार नहीं है।
राव का कहना है कि वह वर्ल्ड आर्चरी को जवाब देंगे, साथ ही तीरंदाजी की गतिविधियों को देश में जारी रखेंगे। यह चुनाव सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराया गया था। देश में इससे बड़ा और कुछ नहीं हो सकता है।