शतरंज की दुनिया एक बार फिर इतिहास दोहराने जा रही है। पूर्व विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद और दिग्गज रूसी ग्रैंडमास्टर गैरी कास्परोव 30 साल बाद एक बार फिर आमने-सामने होंगे। दोनों के बीच यह रोमांचक मुकाबला बुधवार से 'क्लच शतरंज: द लीजेंड्स टूर्नामेंट' में सेंट लुई शतरंज क्लब में खेला जाएगा।
12 बाजियों की जंग, करोड़ों की इनामी राशि
यह टूर्नामेंट 12 बाजियों का होगा जिसकी कुल इनामी राशि 1,44,000 डॉलर (करीब 1.20 करोड़ रुपये) रखी गई है। विजेता को 70,000 डॉलर (करीब 62 लाख रुपये) मिलेंगे, जबकि हारने वाले को 50,000 डॉलर (करीब 44 लाख रुपये) की राशि दी जाएगी। यदि मुकाबला बराबरी पर खत्म होता है, तो दोनों खिलाड़ियों को 60,000 डॉलर (करीब 53 लाख रुपये) मिलेंगे। साथ ही 24,000 डॉलर (करीब 21 लाख रुपये) का बोनस भी तय किया गया है।
1995 की यादें फिर होंगी ताजा
आनंद और कास्परोव आखिरी बार 1995 में न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की 107वीं मंजिल पर विश्व चैंपियनशिप में आमने-सामने हुए थे। उस समय कास्परोव ने 20 बाजियों के इस मैच में 10.5-7.5 से जीत दर्ज की थी। कास्परोव ने 2004 में संन्यास ले लिया था और अब केवल ब्लिट्ज या प्रदर्शनी मुकाबलों में हिस्सा लेते हैं, जबकि आनंद अब कभी-कभार शीर्ष टूर्नामेंटों में दिखाई देते हैं।
तीन दिनों में तय होगी बादशाहत
यह प्रतियोगिता तीन दिनों तक चलेगी, जिसमें हर दिन चार बाजियां खेली जाएंगी, दो रैपिड और दो ब्लिट्ज। पहले दिन हर जीत पर एक अंक, दूसरे दिन दो अंक और तीसरे दिन तीन अंक मिलेंगे। इस स्कोरिंग प्रणाली से मुकाबला आखिरी दिन तक रोमांचक बने रहने की उम्मीद है।
फ्रीस्टाइल शतरंज में पहली भिड़ंत
दिलचस्प बात यह है कि यह मैच अब ‘फ्रीस्टाइल शतरंज’ के नाम से जाना जा रहा है, जिसमें खिलाड़ियों को पारंपरिक सीमाओं से हटकर खेलने की छूट होती है। शतरंज प्रेमियों के लिए यह मुकाबला सिर्फ दो दिग्गजों की भिड़ंत नहीं, बल्कि तीन दशकों पुरानी प्रतिद्वंद्विता की पुनर्जीवित कहानी है।