अमित पंघाल का पुरुष विश्व चैंपियनशिप में शानदार सफर रजत पदक के साथ समाप्त हुआ जिन्हें शनिवार को 52 किग्रा वर्ग के फाइनल में ओलंपिक चैंपियन उज्बेकिस्तान के शाखोबिदिन जोइरोव से 0-5 से हार मिली। रजत पदक प्राप्त करने के बाद अमित पंघाल ने कहा कि उन्हें पुरस्कार से नहीं बल्कि पदकों से प्यार है। अमित शनिवार को यहां जारी विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के 52 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में हार कर रजत पदक तक ही सीमित रह गए।
विश्व चैंपियनशिप में यह किसी भी भारतीय पुरुष मुक्केबाजों का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। अमित से पहले कोई भी भारतीय पुरुष मुक्केबाज फाइनल तक भी नहीं पहुंच सका था। पंघाल को इस साल अर्जुन अवॉर्ड के लिए नहीं चुना गया था। पंघाल ने पदक जीतने के बाद अपने टि्वटर अकाउंट पर एक विडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा,
उम्मीद तो स्वर्ण की लेकर आए थे, लेकिन कुछ कमियां रहीं हैं जो मुकाबले में दिखीं, आगे के लिए उन पर काम करेंगे। उज्बेकिस्तान के इस मुक्केबाज को हम ओलिंपिक में अच्छी टक्कर देंगे। अवॉर्ड से ज्यादा मेरे लिए देश के लिए पदक जीतना ज्यादा जरूरी है। मुझे देश के लिए पदकों से प्यार है न कि अवॉर्ड से। अवॉर्ड मुझे दिए जाएं या ना दिए जाएं, इससे मुझे फर्क नहीं पड़ता। मैं अपने देश के लिए पदक जीतता आया हूं और जीतता रहूंगा।