अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक परिषद (आईओसी) की ओर से पाकिस्तानी शूटरों को वीजा नहीं दिए जाने पर लगे प्रतिबंध की मार भारतीय ओलंपिक संघ और भारतीय खेल संघों पर बुरी तरह पड़ रही है। ताजा घटनाक्रम में बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से अगले वर्ष होने वाले एशिया-ओसियाना ओलंपिक क्वालिफायर की मेजबानी हासिल करने पर गाज गिर गई है। वहीं आईओए की ओर से इस साल सितंबर माह में होने वाले आईओसी के एथलीट कमीशन का सेमिनार भी हाथ से चला गया है। साथ ही 2021 में मुंबई में होने वाले आईओसी सत्र पर बातचीत बंद कर दी गई है।
आईओए अध्यक्ष नरेंदर बत्रा और सेक्रेटरी जनरल राजीव मेहता ने शनिवार, रविवार को बैंकाक में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया चुनाव के दौरान आईओसी सदस्यों से मुलाकात की है, लेकिन उन्होंने उनके समक्ष सरकार की ओर से गारंटी पत्र मांगा है। राजीव मेहता का कहना है कि अब आईओए 15 व 16 मार्च को लुजान में आईओसी से मिलकर भारत पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग करेगा। मेहता का कहना है कि स्थिति बेहद नाजुक है। दिल्ली में होने वाले एथलीट कमीशन के सेमिनार में 220 देशों को भाग लेना था, लेकिन अब इसके नहीं होने की उम्मीद है। आईओसी को यह बताया गया कि देश में आम चुनाव होने वाले हैं, इस लिए चीजों में देरी हो रही है। प्रतिष्ठित आईओसी सत्र पर भी बातचीत बंद कर दी गई है। मेहता ने यह भी कहा कि इन परिस्थितियों में भारत में किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेजबानी संभव नहीं है।