फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउन की घोषणा के बाद नेशनल कैंप में सारी गतिविधियां रोकी गईं, खिलाड़ी सिर्फ खाना खाने निकलेंगे

Wed, 25 Mar 2020 05:34 AM IST
Rajeev Rai अमर उजाला ब्यूरो

सार

  • पीएम की ओर से लॉकडाउन की घोषणा के बाद कैंप में मौजूद खिलाड़ी सिर्फ खाना खाने निकल सकेंगे कमरों से
  • नेशनल कैंप में सारी गतिविधियां रोकी गईं
  • ट्रेनिंग, जिम, मैदान पर गतिविधियां रोकने को कहा गया
विज्ञापन
साई - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन की घोषणा के बाद साई ने एनआईएस पटियाला और बंगलूरू में ओलंपिक की तैयारियों के लिए चल रहे राष्ट्रीय कैंपों में सभी तरह की गतिविधियों को रोकने के आदेश दे दिए। कैंप में शामिल खिलाड़ी अब हॉस्टल से सिर्फ खाना खाने के लिए बाहर निकल सकेंगे। बाकी सारे दिन उन्हें हॉस्टल के कमरों के अंदर ही रहना होगा।

विज्ञापन


साई ने खिलाड़ियों की मैदान और जिम पर गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश दिए हैं। इस वक्त पटियाला और बंगलूरू में एथलेटिक्स, हॉकी और वेटलिफ्टिंग के कैंप चल रहे हैं। इनमें मनप्रीत सिंह, रानी रामपाल, मीराबाई चानू, हिमा दास जैसे खिलाड़ी हैं। अब ये सभी हॉस्टल के कमरों में रहेंगे।

इससे पहले टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों के लिए एनआईएस पटियाला में चल रहे कैंप में 45 वेटलिफ्टर शामिल थे। ओलंपिक क्वालिफायर सिर पर था तो मीराबाई चानू, जेरमी लालरिनुनगा, राखी हलधर समेत दूसरे वेटलिफ्टरों को एक दिन में तीन सत्रों में ट्रेनिंग और कंपटीशन का 90 प्रतिशत लोड दिया जा रहा था। जिससे शरीर पूरी तरह कंपटीशन के रंग में रंग जाए। सभी को एक दूसरे से मिलने जुलने की इजाजत थी, लेकिन कोरोना वायरस के चलते अब स्थितियां एकदम से बदल गई। कैंप में  45 की बजाय नौ वेटलिफ्टर रह गए हैं। तीन की बजाय दो सत्र की ट्रेनिंग कर दी गई। ट्रेनिंग हॉल के बाहर एक दूसरे से किसी को मिलने की इजाजत नहीं है। यहां तक वेटलिफ्टरों को 90 प्रतिशत भार देना बंद कर फिटनेस की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई, जो अब बंद होने जा रही है।

विज्ञापन

तीन के बजाय दो सत्र की कर दी गई थी ट्रेनिंग

भारतीय टीम के चीफ कोच द्रोणाचार्य अवार्डी विजय शर्मा खुलासा करते हैं कि लिफ्टरों की ट्रेनिंग पहले से ही हल्की कर दी गई है। कंपटीशन से ठीक पहले लिफ्टरों को कड़ी ट्रेनिंग कराई जाती है। इसमें उन्हें कंपटीशन में उठाए जाने वाले कुल भार का 90 प्रतिशत भार दिया जाता है। रोजना की ट्रेनिंग में ऐसा नहीं किया जाता है। वरना चोटिल होने का खतरा रहता है। अभी तक ओलंपिक  क्वालिफायर के लिए सुबह सात, फिर 10 बजे से और शाम चार बजे से तीन सत्रों में ट्रेनिंग कराई जा रही थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों में इस कड़ी ट्रेनिंग को बंद कर सुबह सात और शाम चार बजे के सत्र चलाए जा रहे थे।

208 किलो था मीराबाई का लक्ष्य

मीराबाई चानू ने हाल ही में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 49 किलो में 203 किलो का वजन उठाया। ओलंपिक क्वालिफायर में उन्हें 207 या 208 किलो वजन उठाने का लक्ष्य दिया गया था। विजय के मुताबिक इसके लिए कैंप में उन्होंने 190 किलो वजन उठाना भी शुरू कर दिया था। वह लगातार यह वजन उठा रही थी।
विज्ञापन

एक-दूसरे के कमरे में जाने की इजाजत नहीं

विजय के मुताबिक ट्रेनिंग के बाद कमरे से बाहर निकलने और आपस में एक दूसरे के कमरे में जाने की इजाजत किसी को भी नहीं है। वह खुद इन दिनों किसी के भी कमरे में नहीं जा रहे हैं। खासतौर पर मीराबाई से किसी को भी नहीं मिलने दिया जाता है। सभी के कमरों में टीवी लगा है। उसी से खाली समय में वक्त काटा जाता  है। विजय मानते हैं कि यह समय बिताना काफी कठिन है, लेकिन इसके अलावा और कोई चारा भी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें