भारतीय टीम के चीफ कोच द्रोणाचार्य अवार्डी विजय शर्मा खुलासा करते हैं कि लिफ्टरों की ट्रेनिंग पहले से ही हल्की कर दी गई है। कंपटीशन से ठीक पहले लिफ्टरों को कड़ी ट्रेनिंग कराई जाती है। इसमें उन्हें कंपटीशन में उठाए जाने वाले कुल भार का 90 प्रतिशत भार दिया जाता है। रोजना की ट्रेनिंग में ऐसा नहीं किया जाता है। वरना चोटिल होने का खतरा रहता है। अभी तक ओलंपिक क्वालिफायर के लिए सुबह सात, फिर 10 बजे से और शाम चार बजे से तीन सत्रों में ट्रेनिंग कराई जा रही थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों में इस कड़ी ट्रेनिंग को बंद कर सुबह सात और शाम चार बजे के सत्र चलाए जा रहे थे।
मीराबाई चानू ने हाल ही में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 49 किलो में 203 किलो का वजन उठाया। ओलंपिक क्वालिफायर में उन्हें 207 या 208 किलो वजन उठाने का लक्ष्य दिया गया था। विजय के मुताबिक इसके लिए कैंप में उन्होंने 190 किलो वजन उठाना भी शुरू कर दिया था। वह लगातार यह वजन उठा रही थी।
विजय के मुताबिक ट्रेनिंग के बाद कमरे से बाहर निकलने और आपस में एक दूसरे के कमरे में जाने की इजाजत किसी को भी नहीं है। वह खुद इन दिनों किसी के भी कमरे में नहीं जा रहे हैं। खासतौर पर मीराबाई से किसी को भी नहीं मिलने दिया जाता है। सभी के कमरों में टीवी लगा है। उसी से खाली समय में वक्त काटा जाता है। विजय मानते हैं कि यह समय बिताना काफी कठिन है, लेकिन इसके अलावा और कोई चारा भी नहीं है।