दिग्गज रूमानियाई जंप कोच बेड्रोस बेड्रोसियन का भारतीय एथलेटिक्स के साथ लुका-छिपी का खेल खत्म नहीं हो रहा है। बीते वर्ष प्रमुख भारतीय जंपरों की ओर से दूरी बनाने के बाद इस्तीफा देकर मस्कट (ओमान) जाने वाले बेड्रोस को एक बार फिर अनुबंधित करने की तैयारी कर ली गई है।
बीते चार सालों में यह दूसरा मौका है जब बेड्रोस करार तोड़कर चले गए और उन्हें फिर बुलाया जा रहा है। एथलेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया ने तो एक अप्रैल से शुरू हो रहे एथलीटों के कैंप में उनका नाम भी शामिल कर लिया है।
फेडरेशन की ओर से एथलीटों, कोच और सपोर्ट स्टाफ की निकाली गई सूची में बेड्रोस को त्रिवेंद्रम में जंप कैंप केलिए रखा गया है। हालांकि वह अभी भी मस्कट में हैं और उनका दोबारा अनुबंध भी नहीं हुआ है। सूत्रों का कहना है कि बेड्रोस ने इस्तीफा जरूर दिया था लेकिन उन्हें मना लिया गया है वह वापस आने को तैयार हैं, लेकिन साई ने साफ कर दिया है कि उन्हें आना है तो फिर से करार करना होगा।
उनके करार की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सात हजार अमेरिकी डॉलर में उनके फिर से जुडने की उम्मीद है। दरअसल फेडरेशन को टोकियो ओलंपिक की तैयारियों के लिए बेड्रोस का कोई विकल्प नहीं मिल रहा है। जिसके चलते वह फेडरेशन की मजबूरी बन गए हैं।
अरपिंदर पटियाला में बाकी त्रिवेंद्रम में करेंगे ट्रेनिंग
बेड्रोस के इस्तीफा देने की वजह जंपरों का उनके संरक्षण में ट्रेनिंग के लिए तैयार नहीं होना था। जकार्ता एशियाई खेलों में ट्रिपल जंप का गोल्ड जीतने वाले अरपिंदर ने खेलों के तुरंत बाद बेड्रोस से दूरी बना ली थी। लंबी कूद का रजत जीतने वाली वी नीना ने अपने पति के साथ ट्रेनिंग की इच्छा जताई जबकि 8.20 मीटर दूरी से नया राष्ट्रीय कीर्तिमान रचने वाले जूनियर जंपर श्रीशंकर अपने पिता मुरली के साथ ट्रेनिंग करना चाहते थे।
फेडरेशन ने एशियाई खेलों के बाद बेड्रोस को श्रीशंकर के घर पालक्कड में ट्रेनिंग देने को कहा, लेकिन सारे समीकरणों को ध्यान में रख उन्होंने इस्तीफा दे दिया। अब फेडरेशन ने त्रिवेंद्रम कैंप में श्रीशंकर, नीना के अलावा अन्य जंपरों का नाम डाला है जबकि अरपिंदर पटियाला में ही ट्रेनिंग करेंगे। सूत्रों का कहना है कि फेडरेशन ने बेड्रोस को आश्वासन दिया है कि अरपिंदर को छोड़ बाकी जंपेर उन्हीं के संरक्षण में ट्रेनिंग करेंगे।