विश्व मैराथन चैलेंज पूरी करते आदित्य राज
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अगर मन में जज्बा हो और कुछ करने की चाहत, तो दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं होता। ये कहानी है गुड़गांव के आदित्य ने जिन्होंने सात दिन के भीतर सात महाद्वीप में जाकर न सिर्फ सात मैराथन में भाग लिया बल्कि उसे पूरा भी किया। इस वर्ल्ड मैराथन चैलेंज को पूरा करने वाले आदित्य पहले हिंदुस्तानी हैं।
अंटार्कटिका के नोवा, अफ्रीका के केप टाउन, ऑस्ट्रेलिया के पर्थ, एशिया के दुबई, यूरोप के मैड्रिड, दक्षिण अमेरिका के ब्राजील और अंत में नॉर्थ अमेरिका के मियामी में हुए इन मैराथन में आदित्य समेत दुनिया भर के 27 पुरुषों और 15 महिलाओं ने हिस्सा लिया था।
उच्च गतिशील उद्यमी और धीरज खेल उत्साही आदित्य ने इस साल फरवरी में 4:23:34 समय लेकर एशियन रेस पूरी की थी। अंटार्कटिका इवेंट 7:21:08, अफ्रीकी महाद्वीप मैराथन 4:57:51, ऑस्ट्रेलियाई मैराथन 4:24:45, 4:43:38 का समय निकालकर यूरोप, 5:43:35 दक्षिण अमेरिका और नॉर्थ अमेरिका मैराथन 5:13:05 समय के साथ पूरा किया। इस तरह उनका औसत 5:15:22 का रहा।
आदित्य ने बताया कि ये चैलेंज 7 दिन या 168 घंटे में पूरी करनी होती है। मैंने 164 घंटे में पूरी की। अंटार्कटिका में मौसम बेहद खराब था। मैराथन के दौरान रेस पूरी करते ही फ्लाइट में बैठकर अगले देश पहुंचना होता था। आराम का तो समय ही नहीं मिला। ब्राजील में तो दोपहर 12 बजे 35-36 डिग्री तापमान में दौड़ना पड़ा। ऐसे मैराथन के लिए आपको शारीरिक मजबूती के साथ-साथ मानसिक रूप से भी मजबूत होना पड़ता है।