मन कौर ने फोन पर हुई बातचीत में अपनी फिटनेस के बारे में कहा कि सभी को खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। व्यायाम करना जरूरी है। जंक फूड नहीं खाने चाहिएं। युवा पीढ़ी के लिए उनका संदेश है कि अपने से बड़ों का आदर करो। उनकी अपनी खुराक दिन भर में छह रोटी के अलावा अंकुरित काले चने और जौ का सेवन है। इसके अलावा वह सोया मिल्क और फ्रूट भी लेती हैं।
अस्सी साल का बेटा भी एथलीट
मन कौर के अस्सी साल के बेटे गुरुदेव सिंह भी मास्टर्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं। गुरुदेव बताते हैं कि मां को जब अगली प्रतियोगिता के बारे में पता चलता है तो वह काफी उत्साहित हो जाती हैं और बार-बार पूछती हैं कि अब कितने दिन रह गए। अगले तीन साल की योजना तैयार है। 2019 में पोलैंड, 2020 में टोरंटो (कनाडा) और 2021 में जापान में होने वाली प्रतियोगिता में हिस्सा लेना है।
ऐसे हुई करिअर की शुरुआत
बेटे गुरुदेव बताते हैं कि जब मैं प्रतियोगिता के लिए विदेश गया तो मैंने देखा कि सौ साल से ज्यादा उम्र की एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। मैंने मां से बात की। उन्हें कोई परेशानी नहीं थी। पहले चंडीगढ़ में सौ और दो सौ मीटर में हिस्सा लिया और विश्व रिकॉर्ड बना दिया। उसके बाद तो सिलसिला शुरू हो गया।
ये रहता है रूटीन
रोजाना सुबह की सैर जरूर करती हैं। उसके बाद दो बार सौ मीटर की रेस और चार बार तीस मीटर की रेस लगाती हैं। उसके बाद अंत में धीमे कदमों से दौ मीटर दौड़ती हैं।
01: मिनट 14 सेकंड में पूरी की थी पिछले साल न्यूजीलैंड में सौ मीटर की रेस
20: से ज्यादा मेडल जीत चुकी हैं अब तक विश्व मास्टर्स खेलों में