टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मैरी टकर का मानना है कि भारतीय निशानेबाजी लीग (एसएलआई) भारत और दुनिया भर में इस खेल को विकसित करने का बड़ा अवसर प्रदान करेगी। टोक्यो ओलंपिक 2020 में 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली इस 23 साल की इस निशानेबाज ने कहा कि उन्हें टीम प्रारूप वाले टूर्नामेंटों में प्रतिस्पर्धा करना पसंद है।
'यह खेल को बढ़ावा देने के लिए अच्छी पहल है'
टकर ने एनसीएए (नेशनल कॉलेजिएट एथलेटिक एसोसिएशन, अमेरिका) प्रतियोगिताओं में केंटुकी विश्वविद्यालय और वेस्ट वर्जीनिया विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने के साथ जर्मनी की बुंडेसलीगा में साल्टेंडोर्फ टीम का भी प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने कहा, 'मुझे लीग बहुत पसंद है। मुझे एनसीएए और बुंडेसलीगा का अनुभव है। मुझे टीम में रहना और दर्शकों को पूरी टीम का समर्थन करने का माहौल पसंद है। मुझे शीर्ष एथलीटों और जूनियर एथलीटों के एक साथ प्रतिस्पर्धा करने का प्रारूप बहुत पसंद है। मुझे लगता है कि यह भारत और दुनिया भर में निशानेबाजी खेलों को विकसित करने का एक बड़ा अवसर है।'
'भारतीय निशानेबाजों के लिए अच्छा अवसर है'
आईएसएसएफ ने एसएलआई के पहले सत्र के लिए 20 नवंबर से दो दिसंबर के बीच का समय आवंटित किया है। इस लीग में पिस्टल (10 मीटर, 25 मीटर), राइफल (10 मीटर, 50 मीटर 3 पोजीशन) और शॉटगन (ट्रैप और स्कीट) में मिश्रित टीम स्पर्धाएं होंगी। टकर ने आगे कहा, 'भारत इस खेल में वास्तव में उच्च स्तर पर है, इसलिए यह भारतीय निशानेबाजों के लिए दूसरे देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का एक अच्छा अवसर है। यह हालांकि अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजों के लिए भी एक शानदार अवसर है क्योंकि हमें वास्तव में उच्च-स्तरीय भारतीय निशानेबाजों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा। मुझे लगता है कि यह प्रशंसकों को जोड़ने और पूरी दुनिया में इस खेल को लेकर दिलचस्पी पैदा करने का एक बहुत अच्छा अवसर होगा।'