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यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरा ओलंपियन: एशियाई खेलों में भी जीत चुका पदक; SAI की महिला कोच ने लगाए संगीन आरोप

Sat, 25 Apr 2026 09:16 AM IST
Swapnil Shashank हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

एक ओलंपियन, जो एशियाई खेलों में पदक जीत चुका है, पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। भारतीय खेल प्राधिकरण की महिला कोच ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और जांच की मांग तेज हो गई है।
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यौन उत्पड़ीन के आरोपों से घिरा ओलंपियन - फोटो : Twitter
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विस्तार
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भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) में एक बार फिर यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है, लेकिन इस बार आरोपों के घेरे में एक ओलंपियन और एशियाई खेलों का पदक विजेता खिलाड़ी है। साई के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (एनसीओई), अलेप्पी में तैनात एक महिला रोइंग कोच ने अपने सीनियर और रोइंग के हाई परफॉरमेंस डायरेक्टर (एचपीडी) पीटी पोलुस पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
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बार-बार चेतावनी दिए जाने के बाद जब पोलुस ने हदें पार कीं तो महिला कोच ने एलएनसीपीई के निदेशक और प्रधानाचार्य से उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। पोलुस रोइंग में देश के पहले ओलंपियन हैं और उन्होंने 2002 के बुसान एशियाई खेलों में पदक भी जीता है।

रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (आरएफआई) की ओर से उन्हें भारतीय टीम का एचपीडी नियुक्त किया गया था। साई सूत्रों का कहना है कि पोलुस को शिकायत मिलते ही सस्पेंड कर दिया गया। उनके खिलाफ अभी विभागीय जांच चल रही है। जांच प्रभावित नहीं हो इसलिए उन्हें इंफाल ट्रांसफर कर दिया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। हालांकि उन्हें अभी एचपीडी से नहीं हटाया गया है।

आईओए ने भी की कार्रवाई की मांग
कोच के यौन उत्पीड़न की जानकारी खेल मंत्रालय, साई, आरएफआई और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को है। आईओए के एक पदाधिकारी ने खेल मंत्रालय, आरएफआई से पोलुस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। महिला कोच ने बीते वर्ष के अंत में पोलुस के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी। आरोप के मुताबिक पोलुस ने 2025 की शुरुआत से ही उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्हें अनुचित मैसेज भेजे। यहां तक उनके कमरे में भी प्रवेश किया गया। पहले उन्होंने सोचा कि एचपीडी उनके विरोध पर सुधर जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं होने पर उन्होंने शिकायत की।
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नहीं हुई ठोस कार्रवाई
शिकायत के बावजूद कोच को सिर्फ 90 दिन के लिए सस्पेंड किया गया। विशेषज्ञ बताते हैं कि मामले की जांच अब तक पूरी होकर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए थी। यह साई में यौन उत्पीड़न का पहला मामला नहीं है। इसी माह राज्य सभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया गया कि बीते 10 वर्ष में साई में यौन उत्पीड़न के 33 मामले सामने आए हैं। इनमें 25 मामले कोच के खिलाफ हैं। इस दौरान छह कोच को सस्पेंड किया गया है जबकि दो को नौकरी से बरखास्त कर दिया गया। 2020 में बताया गया था कि बीते 10 वर्ष में साई में यौन उत्पीड़न के 45 मामले सामने आए हैं।
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