पेपर लीक के विरोध के बीच मनु भाकर ने क्या चिंता जताई?
मनु भाकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, "इस समय बात हमारे देश के भविष्य से जुड़ी जिंदगियों की है। यह हम सभी का मुद्दा है।" मनु भाकर ने कहा कि मैं एक छात्रा हूं और एक समय हम सभी छात्र रहे हैं। हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और जीवन में निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए। ये कोई विशेष अधिकार नहीं, बल्कि उनके मौलिक अधिकार हैं।
जिन छात्रों ने जान गंवाई, उनके बारे में मनु भाकर ने क्या कहा?
उन्होंने उन छात्रों और बच्चों का भी जिक्र किया, जिन्होंने अपनी जान गंवाई। मनु ने कहा कि वे देश का भविष्य बनने वाले थे और उनके सपनों, क्षमता तथा भविष्य की रक्षा की जानी चाहिए थी। मनु भाकर ने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध का विषय नहीं है। यह उन मुद्दों पर आवाज उठाने की बात है जो वास्तव में मायने रखते हैं- शिक्षा, पर्यावरण, सुरक्षा और जवाबदेही। ये ऐसे मुद्दे हैं जो हमारी सोच या विचारधारा से परे हर व्यक्ति को प्रभावित करते हैं।
छात्रों की पीड़ा पर मनु भाकर ने क्या कहा?
डबल ओलंपिक पदक विजेता ने कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है, लेकिन छात्रों को इस तरह परेशान होते देख उन्हें गहरा दुख होता है। उन्होंने कहा कि हम छात्रों के प्रति और बेहतर जिम्मेदारी निभाने के लिए बाध्य हैं। हर बच्चे को ऐसा भविष्य मिलना चाहिए, जहां वह बिना डर के पढ़ सके, आगे बढ़ सके और अपने सपने पूरे कर सके।