एमेच्योर इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (आईबा) के बाद अब एक और अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन ने भारतीय खेल संघ पर प्रतिबंध की गाज गिरा दी है। वर्ल्ड ताईक्वांडो फेडरेशन (डब्लूटीएफ) ने आईबा का अनुसरण करते हुए ताईक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया है। खास बात यह है कि यह प्रतिबंध फेडरेशन के साथ खिलाड़ियों पर भी लागू होगा। डब्लूटीएफ ने यह कार्रवाई इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) की ओर से इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण की है।
डब्लूटीएफ के सेक्रेटरी जनरल जीन मारी अयेर की ओर से टीएफआई के अध्यक्ष हरीश कुमार को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि उन्हें यह जानकारी दी गई है कि आईओसी ने चार दिसंबर से आईओए पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध आईओए की ओर से ओलंपिक चार्टर का पालन नहीं करने और ओलंपिक मूवमेंट स्वायत्तता बनाए रखने के लिए लगाया गया है। डब्लूटीएफ भी अपने संविधान के आर्टिकल-2 के मुताबिक ओलंपिक चार्टर का पालन करते हुए आईओसी के इस निर्णय का आदर करती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए डब्लूटीएफ ने टीएफआई पर अस्थाई प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। जिसके चलते भारतीय टीम किसी भी डब्लूटीएफ की ओर से कराए जाने वाले या उससे मान्यता प्राप्त टूर्नामेंट या गतिविधि में भाग नहीं ले पाएगी। यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा जब तक टीएफआई को वापस आईओसी से मान्यता नहीं मिल जाती है। वहीं टीएफआई के अध्यक्ष हरीश कुमार का कहना है कि उन्होंने डब्लूटीएफ से प्रार्थना की है कि खिलाड़ियों पर लगा प्रतिबंध हटा दिया जाए।
उन्होंने आईओसी के झंडे तले टूर्नामेंटों में खेलने की अनुमति मांगी है, जिससे उनका नुकसान नहीं हो। वहीं फेडरेशन अप्रैल में इंडिया ओपन अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कराने जा रही है लेकिन प्रतिबंध के चलते इसे भी रद्द करना पड़ सकता है। दूसरी ओर आईबा ने इंडियन बॉक्सिंग फेडरेशन की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। आईबीएफ के एक अधिकारी के मुताबिक आईबा ने पत्र लिखकर जानकारी दी है कि उनकी ओर से अब किसी भी आईबीएफ पदाधिकारी से बात नहीं की जाएगी। आईबा निकट भविष्य में इस मामले का हल निकलने तक खेल मंत्रालय के अधिकारियों से बात करेगी।