जैसे जैसे कार्लसन पर समय से चाल चलने का दबाव बढ़ता गया, कार्लसन ने गलतियां कीं और इसने गुकेश को वापसी का मौका दिया। गुकेश ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपने सारी स्किल को मैच में झोंक दिया और जीत दर्ज की। मैच के बाद गुकेश ने कहा- मैं बहुत कुछ नहीं कर सकता था। मुझे बस इसका अधिकतम लाभ उठाना था। मैं ऐसे कदम उठा रहा था जो कार्लसन के लिए मुश्किल थे और सौभाग्य से चालें सही साबित हुईं। इस टूर्नामेंट से मैंने एक बात सीखी है कि समय से चाल चलने का दबाव आपको गलती करने पर मजबूर कर सकता है।
गुकेश ने कहा, '100 में से 99 बार शायद मैं इस चाल से हार जाता, लेकिन यह एक भाग्यशाली दिन है।' हार के बाद निराश कार्लसन आपा खो बैठे और उन्होंने चेस बोर्ड पर हाथ पटक दिया और वहां से तेजी से बाहर निकल गए। इसके विपरीत, गुकेश ने अपने कोच गजेवस्की के साथ चुपचाप जश्न मनाया। उन्होंने करियर को परिभाषित करने वाली जीत का स्वाद चखा।
दोनों के बीच टूर्नामेंट के पहले दौर में भिड़ंत हुई थी, जहां कार्लसन ने अपने ट्रेडमार्क चालों से जीत हासिल की थी। इस बार, हालांकि, गुकेश ने बाजी मारी और पिछली हार का बदला ले लिया। नॉर्वे शतरंज को व्यापक रूप से शतरंज कैलेंडर पर प्रमुख टूर्नामेंट में से एक माना जाता है। छह खिलाड़ी डबल राउंड-रॉबिन प्रारूप में एक दूसरे से भिड़ते हैं। पुरुष और महिला दोनों ही श्रेणी में मैच होते हैं। 2025 संस्करण स्टावेंजर में 26 मई से छह जून तक चलेगा।
इससे पहले गुकेश और कार्लसन को लेकर महान शतरंज खिलाड़ी गैरी कास्पारोव का भी बयान आया था। उन्होंने कार्लसन को गुकेश से बेहतर बताया था। रूस के महान शतरंज खिलाड़ी कास्पारोव का मानना है कि डी गुकेश भले ही विश्व चैंपियन हैं, लेकिन नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन हर लिहाज से उनसे बेहतर हैं। कास्पारोव ने कहा, 'गुकेश के प्रदर्शन में सुधार की काफी गुंजाइश है। वह जरूर इसे समझकर इस पर काम कर रहा होगा। कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट जीतने के बाद गुकेश का प्रदर्शन बेहतर हो रहा था। विश्व चैंपियनशिप मैच में कुछ भी हो सकता है क्योंकि यह लंबा मैच होता है, लेकिन गुकेश हमेशा आगे थे। गुकेश उस मैच में लिरेन से बेहतर खिलाड़ी थे।'