देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न के लिए खेलों की दावेदारी पर प्रधानमंत्री कार्यालय की मुहर लग चुकी है। बावजूद इसके खेल मंत्रालय की ओर से इस सम्मान के लिए सचिन तेंदुलकर और ध्यानचंद के नाम की सिफारिशनहीं की गई है। बीसीसीआई और हॉकी इंडिया ने भी इस दिशा में कोई कोशिश नहीं की।
बीसीसीआई ने राहुल द्रविड को पद्म भूषण दिलाने के लिए खेल मंत्रालय को आवेदन जरूर किया है। लेकिन भारत रत्न के लिए सचिन तेंदुलकर के नाम पर उसने कोई कदम नहीं उठाया। खेल मंत्रालय ने लंदन ओलंपिक में जलवा बिखेरने वाले शूटर विजय कुमार व पहलवान योगेश्वर दत्त के नामों को पद्म श्री के लिए भेजा है।
निराश हैं ध्यानचंद के पुत्र
सूत्रों के अनुसार इन नामों के अलावा मंत्रालय ने पेशेवर स्नूकर खिलाड़ी व गुआंग झू एशियाई खेलों के दोहरे पदक विजेता आदित्य मेहता का नाम पद्म श्री के लिए भेजा है। ध्यानचंद के पुत्र अशोक कुमार निराश हैं कि उनके पिता के नाम की सिफारिश भारत रत्न के लिए नहीं की गई है।
बीते वर्ष खेल मंत्रालय ने इस दिशा में कदम उठाए थे। लेकिन इस बार इसे फिर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अशोक का कहना है कि वह अपने पिता के लिए देश की कला, सांस्कृतिक व खेल हस्तियों से मिलकर हस्ताक्षर अभियान चलाने जा रहे हैं। जिसे वह खेल मंत्रालय को सौंपेंगे।
बीते वर्ष खिलाड़ियों को भारत रत्न दिए जाने पर मुहर लगने के बाद बहस चल पड़ी थी कि सचिन व ध्यानचंद में से किसी एक को भारत रत्न दिलाया जाए। माना जा रहा था इस बार इन दोनों के नामों की सिफारिश खेल मंत्रालय कर सकता है। लेकिन बीसीसीआई व हॉकी इंडिया से इन दोनों के नामों का आवेदन नहीं मिलने के चलते उसने भी कोई कदम नहीं उठाया।
द्रविड़ को मिल सकता है पद्म भूषण
द्रविड को पद्म श्री मिल चुका है। बीसीसीआई उन्हें पद्म भूषण दिलाने को आगे आया है। इससे पहले बीसीसीआई ने राजीव गांधी खेल रत्न के लिए उनके नाम की सिफारिश की थी। लेकिन उन्हें यह पुरस्कार नहीं मिला। लंदन में पदक जीतने वाले छह खिलाड़ियों में सिर्फ योगेश्वर और विजय के हिस्से में पद्म श्री नहीं आया है। जिसके चलते उनके खेल संघों की सिफारिश पर आवेदन किया गया है।