आखिरकार ट्रिपल जंपर रंजीत महेश्वरी के अर्जुन अवार्ड पर चला आ रहा सस्पेंस समाप्त हो गया है।
खेल मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को साफ कर दिया कि रंजीत डोप में पॉजिटिव पाए गए हैं। साथ ही उन पर तीन माह का प्रतिबंध भी लगाया गया है।
नियमों के तहत किसी भी डोप पॉजिटिव खिलाड़ी को यह अवार्ड नहीं दिया जा सकता है। मंत्रालय ने इसके लिए एथलेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया को भी जमकर लताड़ लगाई है।
उसने फेडरेशन से इस घटना से संबंधित महत्वपूर्ण रिकार्ड नहीं होने के लिए साथ ही अवार्ड के लिए रंजीत के नाम की सिफारिश करने के लिए जवाब मांगा है।
मंत्रालय ने कहा है कि जांच में पाया गया है कि रंजीत आठ सितंबर 2008 को कोच्चि में हुई नेशनल ओपन एथलेटिक मीट में स्टीमुलेंट इफेड्रिन के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं।
रंजीत ने सैंपल लेने के दौरान फार्म में यह भी नहीं भरवाया कि उन्होंने इलाज के लिए दवा के तौर पर इसका सेवन किया है। साथ ही एएफआई हियरिंग कमेटी के समक्ष जांच के दौरान उन्होंने अपना बी सैंपल भी टेस्ट नहीं कराया।
इसके बाद न सिर्फ उन पर तीन माह का प्रतिबंध लगाया गया बल्कि इस चैंपियनशिप से भी डिसक्वालीफाई कर दिया गया। यह पत्र मंत्रालय के पास मौजूद है।
मंत्रालय का कहना है कि हालांकि रंजीत इसके बाद कभी भी इस तरह की गतिविधि में संलिप्त नहीं पाए गए। लेकिन नियम यही कहते हैं कि डोप पॉजिटिव को अर्जुन अवार्ड नहीं दिया जा सकता है।
रंजीत ने अपनी सफाई में कहा, 'सर्दी और जुकाम होने के बाद मैंने केरल के अपने स्थानीय डॉक्टर के सलाह पर दबाई ली थी और इसी कारण मेरे मूत्र का रिजल्ट पॉजिटिव आ गया था। इसके बाद 2008 में मैंने एएफआई की जांच समिति द्वारा बुलाए जाने के बाद उनके सामने डॉक्टर की पर्ची सहित सभी सबूत पेश कर दिए थे।"