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Paris Olympics: 2014 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरू हुआ पदक जीतने का सफर अब तक जारी, ऐसा रहा है नीरज का रिकॉर्ड

Fri, 09 Aug 2024 02:59 AM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

नीरज फाइनल में 89.45 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ के साथ दूसरे स्थान पर रहे और लगातार दूसरी बार ओलंपिक पदक जीतने में सफल रहे। नीरज इसके साथ ही दो ओलंपिक पदक जीतने वाले आजाद भारत के पहले एथलीट हैं।
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पेरिस ओलंपिक 2024 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। नीरज फाइनल में 89.45 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ के साथ दूसरे स्थान पर रहे और लगातार दूसरी बार ओलंपिक पदक जीतने में सफल रहे। नीरज इसके साथ ही दो ओलंपिक पदक जीतने वाले आजाद भारत के पहले एथलीट हैं। नीरज पिछले कुछ समय से लगातार उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं और देश को गौरवान्वित कर रहे हैं। आइए जानते हैं भारत के इस दिग्गज खिलाड़ी का कैसा रहा है सफर। 
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वजन घटाने के लिए शुरू किया था खेलना
नीरज को शुरुआत से खेलों में ज्यादा रुचि नहीं थी और उनका खिलाड़ी बनना अपने आप में एक दिलचस्प बात है। दरअसल, नीरज का बचपन में वजन ज्यादा था और घरवाले इस बात से परेशान रहते थे। उन्होंने 11 साल की उम्र में नीरज को स्टेडियम भेजना शुरू किया। वहां नीरज की मुलाकात राष्ट्रीय स्तर के भाला फेंक एथलीट जयवीर से हुई जिन्होंने नीरज को भाला फेंकने के लिए कहा। जब नीरज ने थ्रो किया तो जयवीर हैरान रह गए थे। इसके बाद नीरज ने इस खेल में आगे बढ़ने का फैसला किया। 

यूथ ओलंपिक में रजत जीतकर की शुरुआत
नीरज चोपड़ा ने 2014 में बैंकॉक में हुए यूथ ओलंपिक में हिस्सा लिया और रजत पदक जीता जो उनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहला पदक था। इसके बाद नीरज ने 2016 में एशियन जूनियर चैंपियनशिप में भी रजत पदक अपने नाम किया। इसी साल उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। इस टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के चलते नीरज को सेना में नौकरी मिली और उन्हें नायब सूबेदार की पदवी मिली। हालांकि, नीरज 2016 रियो ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले सके थे। 

राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में जीता स्वर्ण
नीरज की अंतरराष्ट्री स्तर पर पहचान तब बनी जब उन्होंने गोल्ड कोस्ट में हुए 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता। फिर उन्होंने एशियाई खेलों में 88.07 मीटर का थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। नीरज के लिए यह साल काफी अच्छा रहा और उन्होंने टोक्यो ओलंपिक की तैयारियां भी शुरू कर दी। हालांकि टोक्यो खेलों से एक साल पहले 2019 में नीरज चोट की समस्या से घिरे रहे। उन्हें कंधे की चोट की सर्जरी करानी पड़ी और महीनों तक वह खेल से दूर रहे। नीरज ने जनवरी 2020 में फील्ड पर वापसी की और दक्षिण अफ्रीका में हुए एक टूर्नामेंट में 87.86 मीटर का थ्रो कर टोक्यो ओलंपिक का टिकट पक्का किया। हालांकि, कोरोना महामारी के कारण टोक्यो ओलंपिक एक साल के लिए स्थगित हो गए और नीरज का इंतजार बढ़ गया। 

टोक्यो में रचा इतिहास
नीरज टोक्यो ओलंपिक में प्रबल दावेदार के रूप में उतरे थे और उन्होंने टोक्यो में 87.58 मीटर का थ्रो फेंक स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया था। नीरज ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले अभिनव बिंद्रा के बाद भारत के दूसरे एथलीट थे, जबकि ट्रैक एंड फील्ड में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले पहले भारतीय थे। नीरज की इस उपलब्धि ने उनके करियर को एक नया आयाम दिया और उनकी गिनती भारत के शीर्ष एथलीटों में होने लगी। नीरज ने इसके बाद दोहा डायमंड लीग का खिताब भी अपने नाम किया और पेरिस ओलंपिक से पहले पिछले साल हुए एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। 
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पेरिस में स्वर्ण से चूके
पेरिस ओलंपिक में नीरज से देश को स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद थी। नीरज ने क्वालिफिकेशन में 89.34 मीटर का थ्रो कर पहले ही प्रयास में स्वतः क्वालिफिकेशन मार्क को पार कर फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया था। उनके इस प्रदर्शन के बाद नीरज से स्वर्ण लाने की उम्मीद और भी बढ़ गई थी। हालांकि, पाकिस्तान के अरशद नदीम ने ओलंपिक रिकॉर्ड तोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता और नीरज को रजत से संतोष करना पड़ा।
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