राहत और खुशी के साथ-साथ थोड़ी निराशा भी महसूस कर रहे भारतीय भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा ने कहा कि अब जबकि वह 90 मीटर का आंकड़ा पार कर चुके हैं तो वह और आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे क्योंकि उनका शरीर अब उन चोट से लगभग मुक्त हो गया है जो पिछले कुछ वर्षों से उन्हें परेशान कर रहीं थी। दोहरे ओलंपिक पदक विजेता 27 वर्षीय नीरज ने तीसरे प्रयास में भाले को 90.23 मीटर तक पहुंचाया और 90 मीटर या इससे अधिक करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए जिसकी अगुवाई उनके वर्तमान कोच चेक गणराज्य के जान जेलेजनी कर रहे हैं। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे एशियाई और कुल मिलाकर 25वें खिलाड़ी बने। हालांकि जर्मनी के जूलियन वेबर ने बाजी पलट दी और अपने छठे और अंतिम थ्रो में 91.06 मीटर के प्रयास के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक जीता।
नीरज ने स्पर्धा के बाद कहा, ‘मैं 90 मीटर के प्रयास से बहुत खुश हूं लेकिन यह असल में थोड़ा खट्टा-मीठा अनुभव है। लेकिन कोई बात नहीं मैं और मेरे कोच अब भी मेरे थ्रो के कुछ पहलुओं पर काम कर रहे हैं। हमने इस साल फरवरी में ही साथ काम करना शुरू किया था। मैं अब भी चीजें सीख रहा हूं। पिछले कुछ वर्षों से मुझे हमेशा ग्रोइन में कुछ महसूस होता था। इस वजह से मैं अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पाया। इस साल मैं बहुत बेहतर महसूस कर रहा हूं। हम कुछ पहलुओं पर भी काम करेंगे और इसलिए मेरा मानना है कि मैं इस साल विश्व चैंपियनशिप से पहले की प्रतियोगिताओं में 90 मीटर से अधिक भाला फेंक सकता हूं।’
निगाह सितंबर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप पर
विश्व चैंपियनशिप 13 से 21 सितंबर तक टोक्यो में आयोजित की जाएगी जिसमें हरियाणा के नीरज गत चैंपियन हैं। नीरज के प्रदर्शन में जेलेजनी के प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पिछले साल नवंबर में उन्हें नीरज के कोच के रूप में नियुक्त किया गया था लेकिन इस दिग्गज भारतीय खिलाड़ी ने कहा कि वे फरवरी से ही साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘कोच जेलेजनी के साथ दक्षिण अफ्रीका में बहुत मेहनत की है। ’ जेलेजनी के नाम 98.48 मीटर तक भाला फेंकने का विश्व रिकॉर्ड है और वह आमतौर पर डायमंड लीग में नहीं जाते लेकिन चेक गणराज्य का यह कोच चोपड़ा के साथ यहां आया था क्योंकि उन्हें लगा था कि इस प्रतियोगिता में 90 मीटर के आंकड़े को पार किया जा सकता है।