फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Neeraj Chopra: नीरज चोपड़ा को इस साल 90 मीटर भाला फेंकने का यकीन, कही ये बात

Sat, 02 Jul 2022 04:09 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम

सार

चोपड़ा अगस्त 2018 में ज्यूरिख में डायमंड लीग मीट में चौथे स्थान पर रहे थे। वह चार साल में पहली बार डायमंड लीग में खेल रहे थे। वह सात बार डायमंड लीग मीट (2017 में तीन बार और 2018 में चार बार) में हिस्सा ले चुके हैं।
विज्ञापन
नीरज चोपड़ा - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने प्रतिष्ठित डायमंड लीग में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए रजत पदक जीता, वह काफी करीब से 90 मीटर दूर भाला फेंकने से चूक गए लेकिन उन्हें भरोसा है कि वह इस साल इस लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। नीरज पहली बार डायमंड लीग शीर्ष तीन में जगह बनाने में सफल रहे।
विज्ञापन


24 साल के एथलीट ने पहले ही प्रयास में 89.94 मीटर दूर भाला फेंका जिससे वह महज छह सेंटीमीटर से 90 मीटर से चूक गए। इस दौरान उन्होंने अपने 89.30 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को बेहतर किया जो उन्होंने 14 जून को फिनलैंड के तुर्कु में पावो नुर्मी खेलों में दूसरे स्थान पर रहकर हासिल किया था।

नीरज के अन्य थ्रो 84.37 मीटर, 87.46 मीटर, 84.77 मीटर, 86.67 मीटर और 86.84 मीटर के रहे। विश्व चैंपियन ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने 90.31 मीटर की दूरी से स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने यह दूरी तीसरे प्रयास में हासिल की।
विज्ञापन


चोपड़ा ने कहा, ‘पहला थ्रो काफी अच्छा था, मुझे अच्छा लग रहा है। ऐसा नहीं था कि पहले थ्रो में ही करना है। 90 मीटर के काफी करीब था, और लग रहा था कि कर दूंगा, पर अपना सर्वश्रेष्ठ किया तो अच्छा लग रहा है। मैं अब 90 मीटर के करीब हूं और इस साल मैं ऐसा कर सकता हूं। ’

चोपड़ा अगस्त 2018 में ज्यूरिख में डायमंड लीग मीट में चौथे स्थान पर रहे थे। वह चार साल में पहली बार डायमंड लीग में खेल रहे थे। वह सात बार डायमंड लीग मीट (2017 में तीन बार और 2018 में चार बार) में हिस्सा ले चुके हैं। चोपड़ा ने कहा, ‘प्रतिस्पर्धा थी लेकिन मैं खुश हूं कि मेरे सभी थ्रो काफी अच्छे थे। मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं। मैं लंबे समय बाद खेल रहा हूं और अगली प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा। ’

विश्व चैंपियनशिप को लेकर कोई दबाव नहीं
चोपड़ा की निगाहें 15 से 24 जुलाई तक अमेरिका के यूजीन में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर लगी हुई हैं। विश्व चैंपियनशिप में भारत का सिर्फ एक ही पदक है जो लंबी कूद की महान एथलीट अंजू बॉबी जार्ज ने 2003 में कांस्य पदक से हासिल किया था, तो क्या इससे उन पर दबाव होगा।

इस पर उन्होंने कहा, ‘नहीं, विश्व चैंपियनशिप में एक ही पदक है, इसका कोई दबाव नहीं है। बस पूरी कोशिश करेंगे। वैसे ओरेगोन में जाकर ही पता चलेगा। हर प्रतियोगिता, प्रत्येक दिन अलग होता है। जब मैं ओरेगोन में खेलना शुरू करूंगा तो ही पता चलेगा कि मैं ओलंपिक चैंपियन का दबाव महसूस कर रहा हूं या नहीं। ’

चोपड़ा ने कहा, ‘वैसे मैं बिना दबाव के खेलता हूं। मैं कड़ी ट्रेनिंग करता हूं और प्रतियोगिता में अपना शत प्रतिशत देने की कोशिश करता हूं। ’ हरियाणा के इस स्टार एथलीट ने कहा कि वह विश्व चैंपियनशिप के लिए अपनी ट्रेनिंग में कोई बदलाव नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘मेरी अगली प्रतियोगिता ओरेगोन में विश्व चैंपियनशिप है। यह ज्यादा दूर नहीं है, इसलिए ट्रेनिंग में कुछ बदलाव नहीं करूंगा। लेकिन अपनी ट्रेनिंग में सुधार करना जारी रखूंगा।’
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें