राष्ट्रमंडल खेल 2026 से पहले भारत के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारतीय एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच राधाकृष्णन नायर ने दावा किया है कि स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा लंबे समय बाद अपनी सर्वश्रेष्ठ शारीरिक स्थिति में हैं। नायर ने कहा कि नीरज बेहद आत्मविश्वास से भरे हुए हैं और उनसे शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि भारत इस बार बर्मिंघम 2022 से ज्यादा पदक जीतेगा।
'लंबे समय बाद इतने फिट दिखे नीरज'
पीटीआई से बातचीत में राधाकृष्णन नायर ने कहा, 'नीरज शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट हैं। मैंने उन्हें लंबे समय बाद इतनी अच्छी स्थिति में देखा है। वह काफी आत्मविश्वास से भरे हैं और उनसे शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।' हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि नीरज कौन सा पदक जीतेंगे, लेकिन इतना जरूर कहा कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
2022 में चोट के कारण नहीं खेल पाए थे
नीरज चोपड़ा ने 2018 गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में 86.47 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि, पीठ की चोट के कारण वह 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा नहीं ले सके थे। सितंबर 2025 में विश्व चैंपियनशिप से पहले उन्हें कमर में चोट लगी थी। इसके बाद इस सीजन में उन्होंने सिर्फ एक प्रतियोगिता खेली, जहां जून में दोहा डायमंड लीग में 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे।
अरशद नदीम और एंडरसन पीटर्स से होगी टक्कर
- ग्लास्गो में नीरज के सामने आसान चुनौती नहीं होगी। पाकिस्तान के मौजूदा राष्ट्रमंडल और ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम, ग्रेनाडा के विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स और श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे उन्हें कड़ी चुनौती देंगे।
- भारत के रोहित यादव भी शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने पिछले महीने 87.05 मीटर का थ्रो किया था और अगर वह इसी प्रदर्शन को दोहराते हैं तो पदक की दौड़ में रहेंगे। पुरुष भाला फेंक स्पर्धा का क्वालिफिकेशन 30 जुलाई और फाइनल 31 जुलाई को होगा।
कोच बोले- इस बार टूट सकता है रिकॉर्ड
राधाकृष्णन नायर का मानना है कि 32 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स टीम इस बार बर्मिंघम 2022 के आठ पदकों (एक स्वर्ण, चार रजत, तीन कांस्य) से बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि भारत इस बार दो या तीन स्वर्ण पदक जीत सकता है। अगर भारतीय एथलेटिक्स दल तीन स्वर्ण जीतने में सफल रहता है तो यह राष्ट्रमंडल खेलों में उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा। इससे पहले भारत ने 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में अधिकतम दो स्वर्ण पदक जीते थे।
इन खिलाड़ियों से भी पदक की उम्मीद
कोच ने बताया कि भाला फेंक के अलावा लंबी कूद, ट्रिपल जंप, हाई जंप, लंबी दूरी की दौड़ और महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में भी भारत के पास पदक जीतने की मजबूत संभावनाएं हैं। उन्होंने गुलवीर सिंह, पारुल चौधरी और तेजस्विन शंकर का भी विशेष रूप से उल्लेख किया।