ओलंपिक चैंपियन भालाफेंक एथलीट नीरज चोपड़ा रविवार (24 जुलाई) की सुबह करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों को लेकर मैदान पर उतरेंगे। अमेरिका के यूजीन में चल रही विश्व एथलेटिक्स के फाइनल में वह स्वर्णिम निशाना लगाकर इतिहास रचना चाहेंगे। नीरज अगर पदक जीत लेते हैं तो वह इस टूर्नामेंट के इतिहास में ऐसा करने वाले पहले भारतीय पुरुष बन जाएंगे। उनसे पहले महिलाओं में दिग्गज एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने 2003 में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता था।
सीजन में नीरज का शानदार फॉर्म
इस सीजन में चोपड़ा ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने दो बार अपना व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने 14 जून को फिनलैंड के पावो नूरमी में 89.30 मीटर भाला फेंका और स्टाकहोम डायमंड लीग में 30 जून को 89.94 मीटर का प्रदर्शन किया। वह 90 मीटर से महज 6 सेंटीमीटर चूक गए। इस दौरान उन्होंने फिनलैंड में कुओरताने में 86.69 मीटर के साथ खिताब जीता।
स्वर्ण जीतते ही एंड्रीस-जेज के क्लब में हो जाएंगे शामिल
24 वर्षीय नीरज चोपड़ा यदि स्वर्ण पदक जीतते हैं तो वह विश्व के तीसरे खिलाड़ी होंगे, जिन्होंने ओलंपिक के तत्काल बाद विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता हो। इससे पहले नॉर्वे के एंड्रीस थॉरकिल्डसेन (2008-09) और चेक गणराज्य के विश्व रिकॉर्डधारक जेज जेलेज्नी ने (2000-01 और 1992-93) में यह उपलब्धि हासिल की।
रोहित और पॉल से भी उम्मीद
नीरज के अलावा रोहित यादव ने भाला फेंक के फाइनल के लिए क्वालिफाई किया है। वह ग्रुप बी में छठवें और ओवरऑल 11वें नंबर पर रहे थे। नीरज चोपड़ा के फाइनल से पहले ट्रिपल जंपर एल्डोज पॉल सुबह 6:30 बजे पदक के लिए छलांग लगाएंगे।
तीन वर्ष अवसाद व मुश्किलों से पार पाकर मैथ्यू बने 400 मीटर रेस के पदक विजेता
पुरुषों की 400 मीटर रेस में कांस्य जीतने वाले ब्रिटेन के मैथ्यू हडसन स्मिथ को तीन वर्ष के मुश्किल दौर के बाद यह सफलता नसीब हुई है। लंबे समय से चल रही चोट, कोविड-19 के कारण परिवार से बनी दूरी, बड़ा चिकित्सा खर्च और प्रायोजकों से अलगाव का असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ा था। बकौल मैथ्यू वह अवसाद ग्रस्त हो गए थे, यहां तक कि पिछले वर्ष आत्महत्या का भी प्रयास किया था। बाद में परिवार और मित्रों के स्नेह ने उन्हें संभाला। स्पर्धा का स्वर्ण अमेरिकी नार्मेन (44.29), रजत ग्रेनाडा के जेम्स (44.48) और कांस्य मैथ्यू ने 44.66 सेकंड के साथ जीता।