महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के फाउंडेशन और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर ऐसी अनोखी पहले शुरू की है, जिससे छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा पर लगा नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र का ठप्पा जल्द बीते दिनों की बात होगी। स्थानीय प्रशासन ने सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन और मान देशी फाउंडेशन के साथ मिलकर मैदान कप की शुरुआत की है। इसके तहत दंतेवाड़ा में खेल संस्कृति और प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए 50 खेल के मैदान विकसित किए जाएंगे। दंतेवाड़ा के कलेक्टर कुणाल दुदावत के मुताबिक इस परियोजना के तहत सामुदायिक भागीदारी से अब तक जिले में कम से कम 20 खेल के मैदान विकसित किए गए हैं और अक्टूबर तक 50 मैदान के लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा।
मैदान कप के जरिये 50 गांव में विकसित होंगे मैदान
बीते वर्ष राज्य सरकार ने बस्तर क्षेत्र के दंतेवाड़ा और छह अन्य जिलों की खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए बस्तर ओलंपिक 2024 का आयोजन किया था। दुदावत ने बताया कि इसका उद्देश्य नक्सल प्रभावित और संवेदनशील जिलों की खेल प्रतिभाओं को खेलों के माध्यम से दुनिया से जोड़ना था। उन्होंने कहा, 'इसी तर्ज पर हमने सचिन फाउंडेशन और मान देशी फाउंडेशन के सहयोग से युवाओं को खेल के मैदान उपलब्ध कराने के लिए मैदान कप शुरू करने का फैसला किया। दुदावत ने बताया कि पहले चरण में 50 गांवों में मैदान विकसित किए जाएंगे।'
बच्चों को आकर्षित करने के लिए सचिन को जोड़ा
दुदावत के मुताबिक 13 विभिन्न खेलों की सुविधाओं के साथ 20 खेल के मैदान विकसित किए गए हैं जिनमें रनिंग ट्रैक, गोला फेंक, भाला फेंक, चक्का फेंक, लंबी कूद, वॉल क्लाइंबिंग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्वयं भी खेल के मैदानों का निर्माण कर सकता था, लेकिन विचार यह था कि युवाओं और बच्चों को आकर्षित करने के लिए समुदाय और तेंदुलकर जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों को इसमें शामिल किया जाए। दुदावत ने कहा, लंबे समय में हम चाहते हैं कि अगले सचिन तेंदुलकर, नीरज चोपड़ा और पीटी उषा बस्तर से आएं।