भारत को शतरंज में अपना 100वां ग्रैंडमास्टर मिल गया है। मध्य प्रदेश के इंटरनेशनल मास्टर अनुज श्रीवास्तव ने रविवार को फिलीपींस में आयोजित 7वीं आसियान प्लस व्यक्तिगत ओपन शतरंज चैंपियनशिप जीतकर यह उपलब्धि हासिल की। 22 वर्षीय अनुज भारत के 100वें ग्रैंडमास्टर बन गए हैं।
{{#eligible}}
सभी खबरें बिना रुकावट पढ़ने के लिए
अमर उजाला एप डाउनलोड करें
भारत को शतरंज में अपना 100वां ग्रैंडमास्टर मिल गया है। मध्य प्रदेश के इंटरनेशनल मास्टर अनुज श्रीवास्तव ने रविवार को फिलीपींस में आयोजित 7वीं आसियान प्लस व्यक्तिगत ओपन शतरंज चैंपियनशिप जीतकर यह उपलब्धि हासिल की। 22 वर्षीय अनुज भारत के 100वें ग्रैंडमास्टर बन गए हैं। फिलीपींस के मिसामिस ऑक्सिडेंटल स्थित असेंसो ग्लोबल यूथ लीडरशिप एंड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस टूर्नामेंट में अनुज ने कुल आठ में से सात अंक हासिल किए। उन्होंने प्रतियोगिता का पहला मुकाबला गंवाने के बाद शानदार वापसी की और खिताब अपने नाम किया।
विज्ञापन
विश्वनाथन आनंद थे भारत के पहले ग्रैंडमास्टर
भारत के दिग्गज शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद देश के पहले ग्रैंडमास्टर बने थे। उन्होंने 1987 में अपना तीसरा ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल किया था और 1988 में आधिकारिक तौर पर यह खिताब अपने नाम किया था। अनुज श्रीवास्तव के ग्रैंडमास्टर बनने के साथ ही भारत ने शतरंज में एक नया मुकाम हासिल कर लिया है।
पांच महीने में मिले पांच नए ग्रैंडमास्टर
भारत ने जुलाई 2026 से नवंबर 2026 के बीच महज पांच महीनों में अपने 96वें से 100वें ग्रैंडमास्टर तक का सफर पूरा किया। अनुज श्रीवास्तव से पहले एथन वाज, हर्षवर्धन जीबी, एस अश्वथ और वी रथनेवेल को ग्रैंडमास्टर का खिताब मिला था। इस तरह अनुज भारत के 100वें ग्रैंडमास्टर बनकर देश के शतरंज इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने में सफल रहे।